आज इन मुहूर्त में करे कोई भी काम, जरूर कामयाब होंगे

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Published: 09 Dec 2017, 09:35 AM IST

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योग: विष्कुंभ नामक नैसर्गिक अशुभ योग अंतरात्रि ४.२६ तक, इसके बाद प्रीति नामक नैसर्गिक शुभ योग है। विष्कुंभ नामक योग की प्रथम तीन घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग सायं ५.४१ तक है। करण: भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण दोपहर बाद २.१६ तक, इसके बाद बवादि करण प्रारंभ हो जाएंगे।

सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि १.४१ तक, तदन्तर अष्टमी जया संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी। सप्तमी तिथि में यात्रा, सवारी, विवाह आदि मांगलिक कार्य, नाचना-गाना, वस्त्रालंकार, वास्तु-गृहारम्भ व प्रवेश आदि के सभी कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

नक्षत्र: मघा नक्षत्र सायं ५.४१ तक, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है। दोनों ही ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। मघा गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। मघा नक्षत्र में जन्मे जातकों की २७ दिन बाद नक्षत्र शांति कराना हितकर होगा।

योग: विष्कुंभ नामक नैसर्गिक अशुभ योग अंतरात्रि ४.२६ तक, इसके बाद प्रीति नामक नैसर्गिक शुभ योग है। विष्कुंभ नामक योग की प्रथम तीन घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग सायं ५.४१ तक है। करण: भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण दोपहर बाद २.१६ तक, इसके बाद बवादि करण प्रारंभ हो जाएंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143९, मु.मास: रवि-उल-अव्वल-१९
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : हेमन्त
मास : पौष। पक्ष - कृष्ण।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज विवाह का अतिआवश्यकता में (भद्रा पश्चात् लग्नाऽभाव दोष) मघा नक्षत्र में व सगाई-टीका आदि का मघा व पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्रों में शुभ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ८.२६ से ९.४४ तक शुभ तथा दोपहर १२.१९ से सायं ४.१२ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.५८ से १२.४० तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज डॉ. राजगोपालाचार्य जयंती है। चन्द्रमा: चन्द्रमा संपूर्ण दिवारात्रि सिंह राशि में रहेगा। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: आज अंतरात्रि ४.१६ पर शुक्र ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज सिंह राशि के चन्द्रमा का वास पूर्व दिशा की यात्रा में सम्मुख होगा। याद रखें- यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा धनलाभ कराने वाला व शुभप्रद माना जाता है।

राहुकाल: प्रात: ९.०० से १०.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (मू, मे, मो, टा, टी, टू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इन बच्चों के नाम सिंह राशि पर रखे जा सकते हैं। इनका जन्म रजतपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक धर्मपरायण, दानी, सत्यप्रिय, गुणवान, पराक्रमी, धनवान, चतुर, होशियार, अहंकारी, शत्रुजयी, विद्यावान, सभी प्रकार के भौतिक सुख-सुविधाओं के भोक्ता और काव्य-संगीत आदि में रुचि रखने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २५ वर्ष की आयु के बाद ही होता है। सिंह राशि वाले जातकों को आज राज्यपक्ष से लाभ प्राप्त होगा। मान सम्मान में वृद्धि होगी।