आज इन मुहूर्त में न करें ये शुभ कार्य, रहेंगे फायदे में

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Published: 25 Nov 2017, 09:24 AM IST

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योग: ध्रुव नामक नैसर्गिक शुभ योग रात्रि २.३७ तक, इसके बाद व्याघात नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। व्याघात नामक योग की प्रथम नौ घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग व रवियोग नामक दोष समूह नाशक शुभ योग दोपहर १२.४९ तक इसके बाद द्विपुष्कर नामक शुभाशुभ योग प्रारंभ हो जाएगा। करण: तैतिल नामकरण प्रात: ७.५८ तक, इसके बाद कौलवादि करण हैं।

षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि प्रात: ७.५८ तक, तदन्तर सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। सप्तमी तिथि में यात्रा, सवारी, विवाहादि मांगलिक कार्य, नाचना, गाना, वस्त्रालंकार और प्रवेश आदि विषयक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र दोपहर १२.४९ तक, तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र है। दोनों ही ‘चर व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र हैं। जिनमें देवस्थापन, घर, पुष्टता, जनेऊ, यात्रा, सवारी, अलंकार और विवाहादि कार्य शुभ कहे गए हैं।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143९, मु.मास: रवि-उल-अव्वल-५
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : हेमन्त
मास : मार्गशीर्ष।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज देव प्रतिष्ठा, विवाह (लग्नाऽभाव), गृहारम्भ (केतुयुति दोष), वधू-प्रवेश, सगाई, टीका आदि के शुभ मुहूर्त श्रवण नक्षत्र में तथा विवाह (लग्नाऽभाव), गृहप्रवेश (केतुयुति दोष) व वधू-प्रवेश आदि के धनिष्ठा नक्षत्र में भी शुभ मुहूर्त हैं।

व्रतोत्सव: आज षष्ठी तिथि की वृद्धि हुई है। रात्रि २.०१ से पंचक नक्षत्र प्रारंभ हो जाएंगे। दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा रात्रि २.०१ तक मकर राशि में, इसके बाद कुंभ राशि में रहेगा।