आज शनिवार को इन मुहूर्त में करें कोई भी काम, मिलेगी मनचाही सफलता

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Published: 02 Dec 2017, 09:43 AM IST

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योग: परिघ नामक योग दोपहर १२.५२ तक, इसके बाद शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग है। परिघ योग की पूर्वाद्र्ध घटियां शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: रवियोग नामक दोष समूह नाशक शक्तिशाली शुभ योग दोपहर १२.०७ बजे तक व पुन: प्रारंभ रात्रि ११.५८ से। करण: गर नामकरण दोपहर बाद २.३९ तक, इसके बाद रात्रि १२.५८ तक वणिज नामकरण, भद्रा प्रारम्भ हो जाएगी।

चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि १२.५८ तक, इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि में अग्निविषादिक असद् कार्य, बंधन व शस्त्र आदि से सम्बंधित कार्य शुभ होते हैं। क्षौर व यात्रा का त्याग करना चाहिए।

नक्षत्र: भरणी ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र दोपहर १२.०७ तक, तदन्तर कृतिका ‘मिश्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। भरणी नक्षत्र में साहसिक कार्य, शत्रुमर्दन, बंधन, कुआ व कृषि से सम्बंधित कार्य सिद्ध होते हैं। कृतिका नक्षत्र में सभा, साहस, अग्निग्रहण आदि विषयक कार्य करने योग्य हैं।

योग: परिघ नामक योग दोपहर १२.५२ तक, इसके बाद शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग है। परिघ योग की पूर्वाद्र्ध घटियां शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: रवियोग नामक दोष समूह नाशक शक्तिशाली शुभ योग दोपहर १२.०७ बजे तक व पुन: प्रारंभ रात्रि ११.५८ से। करण: गर नामकरण दोपहर बाद २.३९ तक, इसके बाद रात्रि १२.५८ तक वणिज नामकरण, भद्रा प्रारम्भ हो जाएगी।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143९
मु.मास: रवि-उल-अव्वल-१२
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : हेमन्त
मास : मार्गशीर्ष।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ८.२१ से ९.४० तक शुभ तथा दोपहर १२.१६ से सायं ४.११ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.५५ से दोपहर १२.३७ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज संभवनाथ जयंती, त्रिपुर भैरव जयंती, कृतिका दीपम् (दक्षिण भारत में) तथा ईद-ए-मिलाद (बारावफात) मु. है।

दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर सायं ५.२८ तक चन्द्रवास पूर्व दिशा की यात्रा में सम्मुख रहेगा। यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा धनलाभ कराने वाला माना गया है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा सायं ५.२८ तक मेष राशि में, इसके बाद वृष राशि में रहेगा। ग्रह नक्षत्र परिवर्तन: आज रात्रि ११.५८ पर सूर्य ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

राहुकाल: प्रात: ९.०० से १०.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (लो, अ, इ, ऊ, ए) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। सायं ५.२८ तक जन्मे जातकों की राशि मेष व इसके बाद जन्मे जातकों की राशि वृष है। इनका जन्म स्वर्णपाद से हुआ है। स्वर्णपाद से जन्मे जातकों के स्वास्थ्य की विशेष चिंता रहती है। सामान्यत: ये जातक धनवान, कीर्तिवान, साहसी, सत्यप्रिय, सुमार्गी, पर कुछ अस्थिर मन-मस्तिष्क वाले होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २५ वर्ष की आयु तक होता है। मेष राशि वाले जातकों को आज वाहनादि के प्रयोग में सावधानी बरतनी चाहिए।