Latest News in Hindi

hartalika teej 2018 : हरतालिका तीज पर ऐसे रखें व्रत,ये है नियम,ऐसे करें पूजा

By monu sahu

Sep, 12 2018 06:47:35 (IST)

hartalika teej 2018 : हरतालिका तीज पर ऐसे रखें व्रत,ये है नियम,ऐसे करें पूजा

hartalika teej 2018 : हरतालिका तीज पर ऐसे रखें व्रत,ये है नियम,ऐसे करें पूजा

ग्वालियर। भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 12 सितंबर को सुहागिनें और कन्याएं हरतालिका तीज का व्रत रखकर उपासना करेंगी। इस दिन माता पार्वती और शिवजी की पूजा-अर्चना की जाएगी। पूजन का शुभ समय सुबह 11.40 बजे और रात को 10.40 बजे रहेगा। इस दिन महिलाएं दिन और रात के समय निर्जला व्रत उपवास करते आराधना करेंगी।

यह भी पढ़ें : Breaking: मोदी सरकार ने की शिक्षकों की भर्ती शुरू,इस तरह से पहली बार निकाले फॉर्म,ये है नियम

ज्योतिर्विद डॉ.नरेन्द्रनाथ पांडेय के अनुसार अटल सुहाग एवं सुखमय दाम्पत्य जीवन की कामना से सुहागिनें हरितालिका तीज व्रत करती हैं। वहीं सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए कन्याएं भी इस मुहूर्त में भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले यह व्रत किया जाता है। गणेश चतुर्थी को भगवान का पूजन व्रती महिलाएं करती हैं। इस व्रत में सुहागिनें सोलह शृंगार कर व्रत रखती हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ी खबर : कांग्रेस के दिग्गज नेता ने 101 लोगों पर दर्ज कराया मामला,राजनीति में मचा घमासान

रात में करते हैं पूजा
व्रतधारी सुहागिनें सूर्यास्त से अद्र्ध रात्रि तक पूजन-अर्चन करती हैं। फूलों का मंडप सजाकर पूजा की चौकी पर केले के पत्ते पर भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा रखकर पूजन-अभिषेक किया जाता है। महिलाएं हरितालिका तीज की कथा सुनती हैं। इस व्रत में रात्रि जागरण का खास महत्व है।

यह भी पढ़ें : Ganesh chaturthi 2018 : शहर में सजे पांडाल,कल घर-घर विराजेंगे श्रीजी,ये है शुभ मुहूर्त

मां पार्वती ने रखा था व्रत
शास्त्रों के मुताबिक भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने भगवती पार्वती ने रेत का पार्थिव शिवलिंग निर्मित कर अन्न-जल त्याग कर कठिन तप साधना की थी। इस तिथि में यह व्रत किया जाता है।

यह भी पढ़ें : बड़ी खबर : संविदा शिक्षकों के भर्ती शुरू,आधार कार्ड नहीं तो फार्म नहीं भर सकेंगें,ये है नियम

पूजन का समय
पंडित सतीश सोनी ने बताया कि अटल सुहाग एवं सुखमय दाम्पत्य जीवन की कामना से सुहागिनें हरितालिका तीज व्रत करती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले यह व्रत किया जाता है। गणेश चतुर्थी को भगवान का पूजन व्रती महिलाएं करती हैं। इस व्रत में सुहागिनें सोलह शृंगार कर व्रत रखती हैं। उन्होंने बताया कि पूजन का शुभ समय सुबह 11.40 बजे और रात 10.40 बजे का है।