Latest News in Hindi

साहब! हमारी पीड़ा तो सुनिए ...!

By Deepesh Tiwari

Sep, 12 2018 01:23:44 (IST)

साहब! हमारी पीड़ा तो सुनिए ...!

गुना. मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में आवेदक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनका जनसुनवाई में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने निराकरण करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने आवेदन देते हुए अपना वेतन बढ़ाने की मांग की। सफाई कर्मचारी प्रमोद, मोहन, गुड्डा, राजकुमारी, अनीता, राहुल आदि ने बताया कि वह सभी केवल तीन हजार पांच रुपए मासिक वेतन पर नियुक्त किए गए थे। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही उनके वेतन में इजाफा होगा, लेकिन आज तक नहीं बढ़ाया गया है। उधर रमगढ़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें पिछले तीन वर्षों से कृषि संबंधी किसी भी शासकीय योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तरावटा, पुरैना आदि हल्कों में मुआवजा राशि मिल गई है, लेकिन पटवारी द्वारा उनके गांव में मौका मुआयना नहीं करने की वजह से उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हल्का 43 में पटवारी की हठधर्मिता की वजह से वह परेशान हैं। वहीं ग्राम सिलावटी के लोगों ने जनसुनवाई में आवेदन देकर पक्की सडक़ बनवाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में कच्ची पगडंडी की वजह से बारिश के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी गर्भवती महिलाएं कीचड़ में फंसने से अस्पताल तक नहीं पहुंच पाती हैं। इसके अलावा उनके गांव में फसल भी खराब हो चुकी है, जिसका मुआयना करा मुआवजा दिलवाएं।

प्रधानमंत्री आवास योजना का मिल लाभ
जिले की ग्राम पंचायत बेंहटाघाट के ग्रामीणों ने कलेक्टर से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। ग्रामीण मुकेश, कालू, पर्वत, काशीराम, किशनलाल, पवन आदि ने बताया कि गांव में 40-45 घरों की गरीबों की बस्ती है, जिसमें सरपंच-सचिव द्वारा शासन की योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जबकि अन्य बस्तियों के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासकीय कारिंदे प्रधानमंत्री आवास योजना का दिलाने के ऐवज में उनसे 15-15 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।

चार सालों से नहीं बना मृत्यु प्रमाण पत्र
जनसुनवाई में आए रवि पुत्र स्व. ओमवीर कुशवाह ने शिकायत की है कि उसके पिता की मृत्यु साल 2014 में हुई थी, लेकिन उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन सका है। रवि ने बताया कि उनके पिता की ग्राम दोसपुर में 24 फरवरी 2014 को हत्या कर दी गई थी। इसके बाद वह पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कभी गुना जिले की तहसीलों और कभी अशोकनगर जिले के सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। अधिकारी मृत्यु का मामला अपनी-अपनी सीमाओं से बाहर बताकर उसे गुमराह कर रहे हैं। रवि ने कलेक्टर को दिए गए आवेदन में मांग की है कि उसके पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र किसी भी जिले से बनवा दिया जाए। इसके अलावा उसे राष्ट्रीय परिवार सहायता का लाभ भी शासन द्वारा मिलना सुनिश्चित हो।