अजब-गजब: सामान्य ट्रेनों को स्पेशल के नाम पर चला कर वसूला जा रहा दोगुना किराया, बेडरोल के लिए भी अलग वसूली

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Updated: 28 Feb 2021, 12:44 PM IST

सामान्य ट्रेनों को स्पेशल के नाम पर चलाए जाने से यात्रियों को 25 प्रतिशत तक की चपत लग रही है।

गोरखपुर. लॉकडाउन में स्पेशल ट्रेनों के नाम से शुरू हुई कई ट्रेनों का संचालन तो बंद हो गया है मगर किराए के नाम पर यात्रियों की जेब अब भी काटी जा रही है। सामान्य ट्रेनों को स्पेशल के नाम पर चलाए जाने से यात्रियों को 25 प्रतिशत तक की चपत लग रही है। वहीं अब पैसेंजर गाड़ियों को अनारक्षित एक्सप्रेस बनाकर दोगुना किराया वसूलने की तैयारी है। इतना ही नहीं कोरोना के डर से ट्रेनों में बेडरोल की व्यवस्था भी बंद कर दी गई थी जबकि उसका किराया अब भी यात्रियों को देना पड़ता है। अधिक किराया देने को लेकर यात्रियों ने कई बार इसकी शिकायत भी की है।

वातानुकूलित बोगियों में बेड रोल दिए जाने की व्यवस्था है। इसमें दो चादर, एक कम्बल, एक तौलिया और एक तकिया रहता है। इन सभी के लिए 25 से 30 रुपये अतिरिक्त जोड़कर रेलवे किराया लेता है, जबकि गरीब रथ ट्रेनों के किराए में बेड रोल का शुल्क किराए में नहीं जुड़ा होता है। इसमें बेड रोल लेने वाले यात्रियों को ट्रेन में ही 25 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होता है।

मनमाने रवैये पर नाराजगी

रेलवे के इस मनमाने तरीके से नाराज कई यात्रियों ने पूर्व में शिकायत दर्ज कराई हैं। वहीं रेल संगठन पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद ने भी इस मनमाने रवैए पर जमकर नाराजगी जताई है। एआईआरएफ से अनुरोध कर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने को कहा है।

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