नहीं रहे केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' सोच वाले चिराग का होगा पिता जैसा राजनीतिक कद?

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Published: 08 Oct 2020, 10:02 PM IST

रामविलास पासवान के जाने के बाद से बिहार से लेकर पूरे देश के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है। (Union Minister Ram Vilas Paswan No More, Chirag Tweet Emotional Post) (Ram Vilas Paswan) (Chirag Paswan) (Bihar News) (Gopalganj News)...

पटना,गोपालंगज: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू के खिलाफ मुखर होकर बिहार चुनाव में ताल ठोक रहे लोकजन शक्ति पार्टी प्रमुख चिराग पासवान को बड़ा झटका लगा है। उनके पिता और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बिहार के दिग्गज दलित नेता रामविलास पासवान इस दुनिया में नहीं रहे। रामविलास पासवान बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे। दिल्ली के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। रामविलास पासवान के जाने के बाद बिहार से लेकर पूरे देश के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है।

 

74 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले रामविलास पासवान बिहार के बड़े दलित नेता माने जाते थे। चिराग पासवान ने ट्वीट कर अपने पिता के देहांत की खबर देशवासियों को दी। चिराग अपने आप को भावुक होने से नहीं रोक पाए। अपने पिता के साथ बचपन की फोटे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि ''पापा....अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं।''

गौरतलब है कि दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने स्थिति को भांपते हुए समय रहते लोजपा की जिम्मेदारी चिराग पासवान के कंधों पर डाल दी थी। फिल्मों से अपना कैरियर स्टार्ट करने वाले चिराग पासवान 2014 से जमुई लोकसभा सीट से सांसद है। बिहर चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही चिराग पासवान पिता की देखभाल और पाटी के कामकाज में बड़ी मुश्किल से तालमेल बैठाते हुए आगे बढ़ा रहे थे। चिराग इस समय बिहार फर्स्ट बिहारी-फर्स्ट के नारे के साथ राजनीति में आगे बढ़ रहे है। वर्तमान बिहार सरकार में सहयोगी बने लोजपा ने इस बार सीएम नीतीश कुमार को सीएम फेस के रूप में स्वीकारने से मना कर दिया है। वह एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ रहे है। उन्होंने बीते दिनों एक नारा भी दिया था 'मोदी से बैर नहीं, नीतीश कुमार की खैर नहीं।' उन्होंने बिहार की जनता के नाम यह संदेश भी जारी किया था कि 'राज्य के इतिहास का ये बड़ा निर्णायक क्षण है करोड़ों बिहारियों के जीवन मरण का प्रश्न है क्योंकि अब हमारे पास खोने के लिए और समय नहीं है। जे॰डी॰यू॰ के प्रत्याशी को दिया गया एक भी वोट कल आपके बच्चे को पलायन करने पर मजबूर करेगा।' अब यह आने वाला समय ही बताएगा कि पार्टी में पिता की जगह अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वाले चिराग पासवान पिता रामविलास पासवान की तरह ही लोगों का दिल जीत पाएंगे या नहीं। चिराग ने यह भी कहा था कि 'यह बिहार चुनाव पिता के 50 वर्षों के कार्यों को जनता के सामने रखने का क्षण है।'