Bihar Election की हलचल शुरू, JDU के डिजिटल प्लेट्फॉर्म तो BJP के रथ तैयार, NDA के हुए मांझी

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Published: 03 Sep 2020, 08:14 PM IST

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही एनडीए में शामिल होने की घोषणा से सत्ताधारी दलों में हलचल बढ़ गई है (NDA's Digital Platforms Ready For Bihar Election 2020 Campaign) (Bihar News) (Gopalganj News) (Patna News) (Bihar Election 2020) (NDA)...

प्रियरंजन भारती

पटना,गोपालगंज: भाजपा और जदयू ने डिजिटल चुनाव अभियान के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। सत्तारूढ़ जदयू ने बहुआयामी डिजिटल प्लेटफॉर्म को आधिकारिक तौर पर चालू कर दिया। इधर भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया सेंटर का उद्घाटन कर दिया गया। प्रदेश मुख्यालय में 110 डिजिटल चुनाव रथ बनकर तैयार है। इनके जरिए पार्टी चुनावी अभियान का संचालन करेगी।

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जदयू का डिजिटल प्लेट्फॉर्म चालू

जदयू ने डिजिटल प्लेट्फॉर्म -जेडीयूलाइव.कॉम आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया।पार्टी नेता और सांसद ललन सिंह ने कहा कि बिहार की जनता के साथ संवाद स्थापित करने में यह मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री संजय झा ने कहा कि बिहार के ही आईआईटीएफ ने यह डिजिटल मंच तैयार किया है। यह मेक इन बिहार का सबसे शानदार नमूना है। जदयू के इस डिजिटल प्लेट्फॉर्म की क्षमता दस लाख लोगों को लाइव जोड़ने की है। जूम कॉल, गूगल मीट की तर्ज़ पर इसके जरिए भी टू वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा है और एक साथ 500 लोग इससे एक साथ दो तरफा संवाद स्थापित कर सकते हैं।

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भाजपा ने मीडिया सेंटर और 110 डिजिटल रथ तैयार किया

प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने हाईटेक मीडिया सेंटर का उद्घाटन किया। इसके जरिए पार्टी नेता हर रोज मीडिया से संपर्क स्थापित कर सकेंगे। पार्टी की ओर से बनाए गए 110 डिजिटल रथ भी मैदान में उतारे जाने को तैयार हैं। इसके जरिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया जाएगा। इसे मंच का रूप दिया गया है। इसमें एक किनारे एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई गई है। साथ में मंच जैसी जगह छोड़ी गई है। डिजिटल रथ में साउंड सिस्टम लगाया गया है। इसमें नारा लिखा गया है-भाजपा है तैयार, आत्मनिर्भर बिहार। डिजिटल रथ के जरिए पार्टी के नेता चुनाव प्रचार करेंगे। इसे हर विधानसभा क्षेत्र में भेजा जाना है। पार्टी इससे जनता से रायशुमारी भी करवाएगी ताकि घोषणा पत्र तैयार किया जा सके। डिजिटल रथ के माध्यम से एनडीए सरकार की योजनाओं के बारे में भी जनता को बताया जाएगा। डिजिटल रथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, तथा स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी संजय मयूख ने कहा कि ये डिजिटल हाईटेक रथ डिजिटल चुनाव अभियान को धार देते हुए पार्टी और एनडीए की विजय गाथा लिखने में सहायक सिद्ध होंगे।

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मांझी के एनडीए में आने से हलचल...

इधर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही एनडीए में शामिल होने की घोषणा से सत्ताधारी दलों में हलचल बढ़ गई है। मांझी जदयू से हाथ मिला रहे हैं और भाजपा तथा लोजपा किसी को निमंत्रण तक नहीं मिला। समझा जाता है कि नीतीश कुमार अपने कोटे से मांझी की अगवाई वाले दल को टिकट देंगें। हालांकि मांझी ने बिना शर्त जदयू में शामिल होने की घोषणा की है।


मांझी ने वर्ष 2015 का विधानसभा चुनाव एनडीए के बैनर तले ही लड़ा था। उस समय उन्हें 22 सिटें चुनाव के लिए दी गयी थी, किन्तु वह केवल अपनी सीट जीत पाए। किन्तु इस बार मांझी को पहले जितनी टिकट मिलने की उम्मीद नहीं है। मांझी की गतिविधियों को देखते हुए लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान ने 7 सितंबर को संसदीय दल की बैठक दिल्ली में बुलाई है। इस बैठक में चिराग कोई अहम फैसला ले सकते है।

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लोजपा सूत्रों का कहना है कि वह भाजपा के साथ हैं और भाजपा के साथ रहेंगें। लोजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इन दिनों जदयू का तौर तरीका काफी बदल गया है। हमलोगों को घास फूस समझा जा रहा है। लोजपा नेता ने दुखड़ा रोते हुए कहा कि हमारे नेता चिराग पासवान के संसदीय क्षेत्र से अधिकारी को बदल दिया गया। रोसड़ा में बिना संपर्क किये नए पदाधिकारी की तैनाती कर दी गई। सब क्षेत्रो में यही हाल है। अब सबकुछ पार्टी अध्यक्ष के हाथ में है। मांझी ने एनडीए में आते ही सुरेंद्र प्रसाद समेत दो नेताओं को पार्टी से निकाल दिया।दोनों ही लालू यादव के खैरख्वाह माने जाते रहे हैं।

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