मुख्तार अंसारी बीमार हैं अभी नहीं ले जा सकते, पंजाब सरकार के मेडिकल बोर्ड ने यूपी पुलिस को लौटाया

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Updated: 20 Oct 2020, 02:44 PM IST

  • कोर्ट में पेश करने के लिये मुख्तार अंसारी को पंजाब से लेने गई थी यूपी पुलिस
  • पंजाब सरकार के मेडिकल बोर्ड ने कहा मुख्तार अभी तीन महीने के बेड रेस्ट पर
  • खाली हाथ लौट रही है गाजीपुर पुलिस, 21 अक्टूकर को होनी थी प्रयागराज में पेशी।

मुख्तार अंसारी बीमार हैं अभी नहीं ले जा सकते, पंजाब सरकार के मेडिकल बोर्ड ने यूपी पुलिस को लौटाया

गाजीपुर. बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल से यूपी लाकर कोर्ट में पेश करने की यूपी पुलिस की योजना पर फिलहाल ब्रेक लगता दिख रहा है। पंजाब सरकार के मेडिकल बोर्ड ने मुख्तार अंसारी के बीमार होने का हवाला देकर तीन महीने का बेड रेस्ट बताते हुए भेजने से इनकार कर दिया है। अब यह मामला यूपी और पंजाब सरकार के बीच फंस गया है। मुख्तार अंसारी इन दिनों पंजाब की रोपड़ जेल में बंद हैं। उन्हें फर्जी नाम पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में प्रयागराज के एमएपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में 21 अक्टूबर को पेश होना था। जिसके लिये गाजीपुर पुलिस मुख्तार को पंजाब से लेने 18 अक्टूबर को पहुंची थी पर अब खाली हाथ लौट रही है।

 

क्या है पूरा मामला

दरअसल मुख्तार अंसारी के खिलाफ गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में फर्जी नाम और पते पर असलहा लाइसेंस लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। अब यह मामला प्रयागराज स्थित एमपी एमएलए सपेशल कोर्ट में चल रहा है। इसी मामले में मुख्तार अंसारी को 21 अक्टूबर को कोर्ट में पेश करना था, जिसके लिये गाजीपुर पुलिस उन्हें लेने पंजाब गई थी, पर वहां उनके बीमार होने की बात कहकर भेजने से इनकार कर दिया गया।

 

पंजाब सरकार के मेडिकल बोर्ड ने कहा बीमार हैं मुख्तार

पंजाब सरकार द्वारा बने मेडिकल बोर्ड ने मुख्तार अंसारी को न सिर्फ बीमार बताया है बल्कि जांच में उन्हें अन्य बीमारियों के साथ शूगर और अवसाद की शिकायत बताते हुए उनके तीन महीने के फुल बेड रेस्ट पर होने की बात कही गई है। बोर्ड ने मुख्तार को बीमार बताकर कहा है कि फिलहाल उन्हें भेजना संभव नहीं है। उन्हें लेने गई पुलिस टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।

 

मुख्तार परिवार पर कसा है शिकंजा

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, उनके परिवार और करीबियों पर पुलिस का शिकंजा कसा हुआ है। मुख्तार के परिवार, गैंग, सहयोगियों और करीबियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाईयां की गई हैं। उनकी पत्नी व दोनों बेटों पर ईनाम घोषित कर दिया गया है। पत्नी और बेटों के नाम से करोड़ों की प्राॅपर्टीज कुर्क कर जमींदोज कर दी गयीं और उनकी जमीनें सरकार ने कब्जे में ले लीं हैं। परिवार व करीबियों के दर्जनों असलहे निरस्त और निलंबित कर थाने में जमाा करा लिये गए हैं। वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, आजमगढ, चंदौली, समेत पूर्वांचल के जिलों में मुख्तार के करीबी कारेबारियों और गैंग के सहयोगियों की आर्थिक गतिविधियों पर चोट लगातार चोट की जा रही है।