SBI, BOM, IOB ने ग्राहकों को दिया बड़ा तोहफा, अब और सस्ते हुए Loan

|

Published: 08 Sep 2020, 10:47 AM IST

-SBI, BOM, IOB ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है।
-एसबीआई ( SBI Bank ) के बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र ( Bank of Maharashtra ) और इंडियन ओवरसीज बैंक ( Indian Overseas Bank ) ने भी धन की सीमांत लागत कम कर दी है।
-इन दोनों बैंकों ने MCLR 0.10 प्रतिशत तक घटा दिया है।
-इससे पहले एसबीआई ने भी रिसेट फ्रिक्वेंसी को एक साल से घटाकर छह महीना किया है।

नई दिल्ली।
SBI, BOM, IOB ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ( SBI Bank ) के बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र ( Bank of Maharashtra ) और इंडियन ओवरसीज बैंक ( Indian Overseas Bank ) ने भी धन की सीमांत लागत कम कर दी है। इन दोनों बैंकों ने MCLR 0.10 प्रतिशत तक घटा दिया है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एक साल और छह माह के कर्ज पर एमसीएलआर क्रमश: 7.40 प्रतिशत से घटाकर 7.30 प्रतिशत और 7.30 प्रतिशत से 7.25 प्रतिशत कर दी हैं, जो सोमवार से लागू हो चुकी हैं।

इससे पहले एसबीआई ने भी रिसेट फ्रिक्वेंसी को एक साल से घटाकर छह महीना किया है। फिलहाल SBI का एक साल का MCLR 7 फीसदी और छह महीने का MCLR 6.95 फीसदी है। इससे अब ग्राहकों को पहले से कम लागत पर लोन मिल सकेंगे।

SBI Car Loan Interest: अब सस्ती ब्याज दर पर मिलेगा कार लोन, घर बैठे ऐसे करें Apply

बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नई दरें
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नई दरें सोमवार से लागू हो गई है। बैंक के मुताबिक, एक साल और छह माह के कर्ज पर एमसीएलआर क्रमश: 7.40 फीसदी से घटाकर 7.30 फीसदी और 7.30 फीसदी से 7.25 फीसदी की गई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एक दिन के, एक माह और तीन माह के कर्ज के लिए एमसीएलआर संशोधित कर क्रमश: 6.80 फीसदी, 7 फीसदी और 7.20 फीसदी किया है।

इंडियन ओवरसीज बैंक की नई दरें
इंडियन ओवरसीज बैंक ने कहा है कि सभी अवधि के लोन के लिए एमसीएलआर 0.10 फीसदी तक घटाया गया है। बैंक की एक साल के कर्ज की एमसीएलआर 7.55 फीसदी की गई है, जो पहले 7.65 थी, तीन माह और छह माह की एमसीएलआर घटा कर क्रमश: 7.45 फीसदी और 7.55 की गई है। बैंक ने बताया कि नई दरें 10 सितंबर से लागू हो जाएगी।

National Savings Certificate : पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम से FD या RD से मिल सकता है ज्यादा रिटर्न, जानें कैसे करें निवेश

सस्ता मिलेगा लोन
बता दें कि बैंक MCLR लिंक्ड लोन को एक साल की रिसेट फ्रिक्वेंसी के साथ ऑफर करते हैं, जिससे ग्राहकों को लोन के बाद बैंक की MCLR में कटौती का फायदा EMI में कटौती का फायदा मिलने में ज्यादा समय लगता है।