अगर आप भी Bank Account से निकालते हैं 20 लाख रुपए से ज्यादा, जान लीजिए क्या कहता है SBI का नियम

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Updated: 05 Jul 2020, 12:52 PM IST

  • Return File ना करने और 20 लाख रुपए से ज्यादा कैश निकासी पर सेक्शन 194N के तहत TDS काटा जाता है
  • SBI ने बताया कि वो कैसे कैश निकासी के बाद भी टीडीएस से बच सकते हैं, अपनाने होंगे तीन स्टेप

नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( State Bank of India ) अपने ग्राहकों को समय-समय पर हिदायतें, जरूरी जानकारी और अलर्ट जारी करता रहता है। वहीं इस बात की भी जानकारी देता है कि आप ऐसा कौन सा काम कर सकते हैं, जिससे आपको बैंकिंग प्रोसेस में आसानी हो। इस बार बैंक ( SBI Bank ) ने अपने उन ग्राहकों को जानकारी दी है जो सालाना 20 लाख रुपए की कैश ट्रांजेक्शन ( Cash Transaction ) करते हैं। एसबीआई ( SBI ) ने बताया कि वो कैसे कैश निकासी के बाद भी टीडीएस ( TDS ) से बच सकते हैं। इसके लिए एसबीआई कस्टमर को तीन ही स्टेप फॉलो करने होंगे। आइए आपको आपको भी बताते हैं आखिर एसबीआई की ओर से टीडीएस से बचने के कौन से तरीके बताएं हैं।

किस रूल के तहत कटता है टीडीएस
वास्तव में जिसने बीते तीन सालों में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है और सालाना 20 लाख या उससे ज्यादा रुपयों की निकासी करते हैं तो सेक्शन 194 N के तहत टीडीएस काटा जाता है। एसबीआई ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से इस बारे में जानकारी दी भी।

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ऐसा क्या करें, जिससे ना कटे टीडीएस
- सबसे पहले तो आपको बैंक में पैन कार्ड की डिटेल्स जमा करनी होगी। अगर पहले से ही जमा है तो कोई जरुरत नहीं है।
- पैन कार्ड न होने के कारण टैक्स की देनदारी बढ़ जाती है।
- वहीं आपको इनकम टैक्स रिटर्न की डिटेल्स देनी होगी।

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लगातार तीन साल टीडीएस ना देने पर देना होगा एक जुलाई से ब्याज
-अगर आप सालाना 20 लाख रुपए तक कैश की निकासी करते हैं तो पैन जमा करने या न करने की स्थिति में कोई ब्याज नहीं देने की जरुरत नहीं।
- 20 लाख 1 रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपएतक का कैश विड्रॉल करने की कंडीशन में पैन कार्ड जमा होने पर 2 फीसदी टैक्स और पैन डिटेल्स ना जमा करने पर 20 फीसदी टीडीएस देना पड़ सकता है।
- अगर किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश विड्रॉल किया है और पैन कार्ड डिटेल्स जमा है तो 5 फीसदी टीडीएस देना होगा। वहीं पैन ना देने की स्थिति में 20 फीसदी टीडीएस देना होगा।
- एसबीआई के अनुसार ग्राहकों ने पिछले 3 साल इनकम टैक्स रिटर्न नहीं दिया और 1 करोड़ रुपए से ज्यादा निकासी भी की तो 2 फीसदी की दर से टैक्स कटता रहेगा।