प्रधानमंत्री मोदी के पास ‘एक थी कार’, जिसे बेचकर किया कुछ ऐसा...

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Updated: 24 Apr 2018, 02:34 PM IST

बीएमडब्ल्यू देश के प्रधानमंत्री की आधिकारिक कार है, पीएम के काफिले में 6 से 10 बीएमडब्ल्यू कारें हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के पास ‘एक थी कार’, जिसे बेचकर किया कुछ ऐसा...

नई दिल्‍ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में रोज पढ़ा जा रहा है। उनके अनछुए पहलुओं की जानकारी हासिल करने के लिए रिसर्च की जा रही है। आखिर वो क्‍या खाते हैं? उनका लाइफ स्‍टाइल कैसा है? वो कितना सोते हैं? उनके कपड़े कहां से आते हैं? तमाम बातें ऐसी हैं जो लोग जान रहे हैं और जानना चाहते हैं। आज हम आपके लिए कुछ ऐसा अनछुआ पहलु आपके सामने लेकर आए हैं, जिसके बारे में या तो बहुत कम लोगों को पता है या किसी को पता ही नहीं है। क्‍या आपको पता है कि पीएम मोदी के पास अपनी खुद की एक कार थी? जिसे बाद में उन्‍होंने बेच दी। शॉकिंग तो ये है कि उस कार को बेचकर उन्‍होंने वो रुपए अपने पास नहीं रखे। ना ही उन्‍होंने उन रुपयों को कहीं इंवेस्‍ट किए। फिर क्‍या किया उन्‍होंने रुपयों के साथ? आखिर कौन सी कार थी उनके पास? आइए आपको भी बताते हैं अपनी इरस विशेष खबर में...

बीएमडब्ल्यू में घूमते हैं पीएम मोदी
अभी देश के प्रधानमंत्री के लिए जर्मन कार कंपनी बीएमडब्ल्यू की गाड़ी इस्तेमाल करते हैं। यही देश के प्रधानमंत्री की आधिकारिक कार है। पीएम के काफिले में 6 से 10 बीएमडब्ल्यू कारें हैं। इसके साथ ही करीब एक दर्जन X5 SUV कारें भी पीएम के काफिले का हिस्सा होती हैं। पीएम के काफिले में चलने वाली इन गाड़ियों की कीमत करोड़ों में होती हैं। ये सभी कारें बुलेटप्रूफ और बम के हमलों से सुरक्षित होती हैं। इनके अंदर अटैक अलार्म और इंटरकॉम भी फिट होता है। इन कारों के टायर ऐसे होते हैं जिन्हें पंचर हो जाने के बाद भी कई किलोमीटर तक चलाया जा सकता है।

पीएम मोदी की एंबेस्‍डर कार
पीएम मोदी जिस बीएमडब्ल्यू कार में सफर करते हैं वो उनकी खुद की नहीं है। वो सरकार की है। अब सवाल ये है कि पीएम मोदी के पास अपनी खुद की पर्सनल कार कितनी है। आपको यह जानकर ताज्‍जुब होगा कि नरेंद्र मोदी के पास एक भी पर्सनल कार नहीं है। लगा ना शॉक। उनके पास किसी जमाने में एक कार करती थी। यह कार और कोई नहीं बल्कि एम्बेसडर कार थी। वो भी उन्‍होंने अपने पास ज्‍यादा दिनों तक नहीं रखी। जानकारों की मानें तो पीएम मोदी कई सालों से सरकारी गाडि़यों में सफर करते रहे हैं। ऐसे में उन्‍हें कभी पर्सनल कार की जरुरत नहीं पड़ी।

आपको और ताज्‍जुब होगा
अगर आप अपनी कार को बेचते हैं तो उसके बदले में और रुपयों को डालकर नई कार लेते हैं। या फिर कहीं और दूसरी जगह पर इंवेस्‍ट करते हैं। लेकिन जब नरेंद्र मोदी ने अपनी एम्बेसडर कार को बेचा था ना तो उन्‍होंने मिले हुए रुपयों को अपने पास रखा और ना ही कहीं इंवेस्‍ट किया। ताज्‍जुब की बात तो ये है कि उन्‍होंने उन रुपयों को अनाथ आश्रम में दान कर दिए थे। ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब कोई नेता अपनी किसी चीज को बेचकर उन रुपयों को दान कर दें।

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