IRDAI का नया फैसला, अब Group Insurance के तौर पर मिली Corona Kavach Policy को मंजूरी

|

Published: 22 Jul 2020, 01:45 PM IST

  • group Corona Kavach Policy को इरडा की मंजूरी
  • कॉर्पोरेट इंडिया को होगा जबरदस्त फायदा
  • 10 जूलाई को ल़ॉन्च हुई Corona Kavach Policy

नई दिल्ली: Corona Kavach Policy के बारे में बड़ा फैसला लेते हुए बीमा नियामक प्राधिकरण IRDAI ने इसे Group Insurance के तौर पर बेचने की अनुमति दे दी है। irdai ने मंगलवार को इस बारे में आधिकारिक रूप से इस बारे में जानकारी दी । इरडा का मानना है कि उनके इस फैसले से सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों और अन्य कारोबारी इकाइयों को अपने कर्मचारियों को कोरोना से बचाव के लिए बीमा कवर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

Child Mutual funds : बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए इन प्लान्स में करें निवेश

आपको बता दें कि इरडा के निर्देश पर सभी 30 साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियां जो हेल्‍थ पॉलिसी ( Health Policy ) देती हैं, उन्‍होंने कोविड ( COVID-19 ) बेस्‍ड हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी ( Health Insurance Policy ) देना शुरू कर दिया है। इसे कोरोना कवच कहा जाता है। 10 जनवरी को इस पॉलिसी को लॉन्च किया गया है। इसके तहत कोरोना कवच पॉलिसी ( Corona Kavach Policy ) साढे तीन महीने, साढ़े छह महीने और साढे़ नौ महीने के लिए है। इसके तहत 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा ( Health Insurance ) लिया जा सकता है।

IRDAI ने दी है छूट- आपको बता दें कि इसके पहले बीमा नियामक प्राधिकरण ने गाइडलाइंस जारी कर कोरोना महामारी ( Corona Pandemic ) में उन बीमा धारकों को भी क्लेम देने का ऐलान किया है जो कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए बने अस्थायी अस्पतालों ( Temporary Hospitals ) में इलाज करा रहे हैं। IRDAI के इस फैसले से 'मेक शिफ्ट' या 'टेम्‍परेरी हॉस्पिटल' में कोविड-19 का इलाज कराने वालों को राहत मिलेगी। आपको मालूम हो कि देश में कोरोनावायरस संक्रमितों ( covid-19 cases ) की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई राज्य सरकारों ( State Govt ) ने 'मेक शिफ्ट' या 'अस्थायी अस्पताल' बनाए हैं।

इसके साथ ही प्राधिकरण ने इस पॉलिसी में डॉक्टर्स और मेडिकल स्टॉफ को 5 फीसदी का डिस्काउंट देने की घोषणा की थी। इसके अलावा प्राधिकरण ने कैशलेस ट्रीटमेंट को मैनडेटरी बताया था ताकि लोग पैसे की चिंता किये बिना इलाज करा सकें साथ ही हॉस्पिटल्स के ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्यवाई करने की बात कही है।