आज रवि पुष्य नक्षत्र: सभी कार्यों के लिए है शुभ मुहूर्त, 11 अक्टूबर को चूकें नहीं मौका

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Published: 11 Oct 2020, 12:01 AM IST

नक्षत्रों के राजा का है आज का दिन...

Today Ravi Pushya Yoga : 11 October 2020- आज बन रहा है खास योग Ravi Pushya Yoga: जानें क्या करें व क्या नहीं

आज रविवार यानि 11 अक्टूबर 2020 को रवि पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का अत्यंत दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि अगर आप शुभ कार्य के लिए किसी मंगलमय मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं, तो रविवार 11 अक्टूबर को सभी मुहूर्तो में सबसे खास रवि पुष्य योग बन रहा है। पुष्‍य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। जो सभी कार्यों में सिद्धि देता है। इसे ज्योतिषशास्त्र के सभी 27 नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। जब यह पुष्य नक्षत्र योग रविवार को पड़ता है तो इससे रवि पुष्य योग के नाम से जाना जाता है।

जानकारों के अनुसार इस दिन बन रहे खास योग के चलते इस अवसर पर जो भी शुभ कार्य शुरू होगा वह अटल और चिरस्थाई होगा। रविपुष्य का योग रविवार को दिनभर रहेगा। ऐसे में पूरे दिन कभी भी खरीददारी की जा सकती है। इस योग में की गई खरीददारी न केवल शुभ होती है बल्कि इस मुहूर्त में खरीदी गई वस्तु खरीददार के लिए सुख-सौभाग्य और समृद्धि लेकर आती है। इस दिन कुछ विशेष प्रयोग करके आप अपने जीवन की सारी समस्याओं को दूर कर सकते हैं।

रवि पुष्य नक्षत्र का शुभ मुहूर्त (Ravi Pushya Nakshatra Shubh Muhurat)...
पुष्य नक्षत्र प्रारंभ 10 अक्टूबर मध्य रात्रि बाद 1 बजकर 19 मिनट से
पुष्य नक्षत्र समाप्त 11 अक्टूबर मध्य रात्रि बाद 1 बजकर 18 मिनट तक

रवि पुष्य नक्षत्र का महत्व : Ravi Pushya Yog Ka Mahatva

वाहन खरीदने के लिए शुभ तिथि के इंतजार में हैं, कोई फ्लैट लेना चाहते हैं , कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं, कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, किसी नई नौकरी में जॉइनिंग देना चाहते हैं या कोई नया सौदा करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त पूछने के लिए किसी ज्योतिषी के पास जाने की जरूरत नहीं है । कोई उपाय करने की भी जरूरत नहीं है।

ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र हैं, जिनमें आठवें स्थान पर पुष्य नक्षत्र आता है जो बेहद ही शुभ एवं कल्याणकारी नक्षत्र है। इसे नक्षत्रों का सम्राट भी कहा जाता है और जब यह नक्षत्र रविवार के दिन होता है तो इस नक्षत्र एवं वार के संयोग से रवि पुष्य योग बनता है और इस योग में ग्रहों की सभी बुरी दशाएं भी आपकी फेवर में हो जाती हैं । रवि पुष्य योग को रवि पुष्य नक्षत्र योग भी कहा जाता है।

रवि पुष्य नक्षत्र में क्या करें : what to do on Ravi pushya nakshatra

: इस दिन स्वर्ण आभूषण खरीदने से समृद्धि बनी रहती है।
: इस दिन नई जमीन, मकान खरीदना, वाहन खरीदना भी शुभ होता है।
: इस दिन मोती शंख या दक्षिणावर्ती शंख को अपनी दुकान या प्रतिष्ठान में स्थापित करने से व्यापार में तरक्की होती है।
: इस दिन चांदी का छोटासा एक चोकोर टुकड़ा खरीदकर लाएं और इसका पूजन कर श्रीसूक्त का पाठ करें। इससे आर्थिक संकट दूर हो जाता है।
: इस दिन विष्णु सहित माता लक्ष्मी की उपासना और श्री यंत्र की खरीदी करके जीवन में समृद्धि लाई जा सकती है।
: इस दिन छोटे बालकों के उपनयन संस्कार और उसके बाद उसे पहली बार विद्याभ्यास के लिए गुरुकुल में भेजा जाता है।
: इस दिन नए व्यापार और व्यवसाय की शुरुआत करना भी श्रेष्ठ माना जाता है।
: इस दिन तंत्र-मंत्र की सिद्धि एवं जड़ी-बूटी ग्रहण का कार्य भी किया जाता है। इस दिन साधना करने से उसमें निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है।
: यदि जन्मकुंडली में स्थित सूर्य के दूषित हो रहा है तो यह दिन दुष्प्रभाव दूर करने का सबसे उत्तम दिन माना गया है।
: इस दिन गाय को गुड़ खिलाने से आर्थिक लाभ होता है। मंदिर में दीपक जलाने से कार्य में आने वाली बाधा समाप्त होती है और तांबे के लोटे में जल में दूध, लाल पुष्प और लाल चंदन डालकर सूर्य को अर्घ्य देने से शत्रु कमजोर होते हैं।

ये कार्य बेहद शुभ...
रवि पुष्य योग समस्त शुभ और मांगलिक कार्यों के शुभारंभ के लिए उत्तम माना गया है। यदि ग्रहों की स्थिति प्रतिकूल हो अथवा कोई अच्छा मुहूर्त नहीं भी हो, ऐसी स्थिति में भी रवि पुष्य योग सभी कार्यों के लिए परम लाभकारी होता है लेकिन विवाह को छोड़कर। इस योग में सोने के आभूषण, प्रॉपर्टी और वाहन आदि की खरीददारी करना लाभदायक होता है। रवि पुष्य योग में नए व्यापार और व्यवसाय की शुरुआत करना भी श्रेष्ठ बताया जाता है। इसके अलावा यह योग तंत्र-मंत्र की सिद्धि एवं जड़ी-बूटी ग्रहण करने में विशेष रूप से उपयोगी होता है।

1. इस दिन साधना करने से उसमें निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है।
2. कार्य की गुणवत्ता एवं उसके प्रभाव में वृद्धि होती है।
3. धन वैभव में वृद्धि होती है।
4. यंत्र सिद्धि के लिए यह शुभ दिन होता है।
5. जन्मकुंडली में स्थित सूर्य के दुष्प्रभाव दूर होते हैं।
6. सूर्य का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन सुर्ख लाल वस्त्र पहनना शुभ होता है।
7. जीवन में आर्थिक समृद्धि आती है।

रवि पुष्य योग के उपाय : Ravi Pushya Yog Ke Upay
1- धन लाभ के लिए रवि पुष्य नक्षत्र में भगवान विष्णु जी और मां लक्ष्मी का अभिषेक केसर युक्त दूध से करें।
2- रवि पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होने के बाद 11 लघु नारियल की पूजा करके उन्हें लाल कपड़े में बांधकर धन स्थान में रखने से धन कोष में वृद्धि होती है।
3- रवि पुष्य नक्षत्र मे शंखपुष्पी की जड़ को प्राप्त करके चांदी की डिब्बी में डालकर उसे घर में स्थित तिजोरी में रखने से कभी धन की कमी नहीं होती।
4- रवि पुष्य योग में मोती शंख में जल भरकर लक्ष्मी माता की मूर्ति या चित्र के साथ रखने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है।
5- रवि पुष्य संयोग में मोती शंख को घर में स्थापित कर प्रतिदिन श्री महालक्ष्मै नम: मंत्र को 11 बार बोलकर एक -एक चावल का दाना शंख में भरते रहें इस प्रकार 11 दिन तक करें यह प्रयोग करने से आर्थिक तंगी समाप्त हो जाती है।
6- रवि पुष्य नक्षत्र के दिन चांदी या सोने के आभूषण खरीदना अत्यंत शुभ होता है। इससे सुख.समृद्धि में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी होती है।
7- रवि पुष्य नक्षत्र में सूर्यदेव की पूजा से मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा सबकुछ प्राप्त होता है। इस दिन भगवान सूर्य का विधिवत पूजन करें। सूर्योदय के समय जल का अ‌र्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
8- रवि पुष्य नक्षत्र के दिन किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर माणिक रत्न सोने या तांबे की अंगूठी में बनवाकर अनामिका अंगुली में धारण करने से सूर्य शुभ प्रभाव देता है।
9- जिन लोगों की कुंडली में सूर्य की स्थिति खराब हो उन्हें रवि पुष्य नक्षत्र में किसी ब्राह्मण को गेहूं, गुड़ और तांबे का दान करना चाहिए।