रामायण की इन 10 चौपाई को पड़ने मात्र से मिलता है संपूर्ण रामायण पाठ का लाभ

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Published: 02 Apr 2020, 10:46 AM IST

रामचरित्र मानस की चमत्कारी चौपाई

रामनवमी के पावन दिन रामायण ग्रंथ का पाठ करने से अनेक कामनाएं पूरी होने के साथ जन्म जन्मांतरों के पाप से मुक्ति, भय, रोग आदि सभी दूर हो जाते हैं। रामायण के पाठ से धन की कामना रखने वाले को धन की प्राप्ति होती है। अगर रामनवमी के दिन संपूर्ण रामायण का पाठ नहीं हो सके तो सुंदरकांड का पाठ अवश्य करना चाहिए और अगर यह भी संभव ना हो तो अपनी समस्याओं के निवारण के लिए रामायण की केवल इन 10 चौपाईयों का पाठ करने मात्र से संपूर्ण रामायण के पाठ शुभ फल मिलता है।

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श्रीरामचरित मानस में कुछ ऐसी चौपाईयां है जिनके पाठ से मनुष्य जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। वैसे तो कहा जाता है की रामनवमी के एक दिन पूर्व से ही रामनवमी पर्व की शुभ बेला तक संपूर्ण रामायण का पाठ करने से हर तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है। लेकिन संभव न हो तो रामायण की केवल इन 10 चौपाईयों के पाठ से संपूर्ण रामायण के पाठ का पुण्य फल मिलता है।

1- मनोकामना पूर्ति एवं सर्वबाधा निवारण हेतु-

'कवन सो काज कठिन जग माही।

जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।।

2- भय व संशय निवृ‍‍त्ति के लिए-

'रामकथा सुन्दर कर तारी।

संशय बिहग उड़व निहारी।।

3- अनजान स्थान पर भय के लिए मंत्र पढ़कर रक्षारेखा खींचे-

'मामभिरक्षय रघुकुल नायक।

धृतवर चाप रुचिर कर सायक।।

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4- भगवान राम की शरण प्राप्ति हेतु-

'सुनि प्रभु वचन हरष हनुमाना।

सरनागत बच्छल भगवाना।।

5- विपत्ति नाश के लिए-

'राजीव नयन धरें धनु सायक।

भगत बिपति भंजन सुखदायक।।

6- रोग तथा उपद्रवों की शांति हेतु-

'दैहिक दैविक भौतिक तापा।

राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा।।

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7- आजीविका प्राप्ति या वृद्धि हेतु-

'बिस्व भरन पोषन कर जोई।

ताकर नाम भरत असहोई।।

8- विद्या प्राप्ति के लिए-

'गुरु गृह गए पढ़न रघुराई।

अल्पकाल विद्या सब आई।।

9- संपत्ति प्राप्ति के लिए-

'जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।

सुख संपत्ति नानाविधि पावहिं।।

10- शत्रु नाश के लिए-

'बयरू न कर काहू सन कोई।

रामप्रताप विषमता खोई।।

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