Video- सप्तमी पर पंडालों व मंदिरों में भक्तों की लगी रही लंबी कतार, महाष्टमी पर उमड़ेगा भक्तों का सैलाब

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Published: 16 Oct 2018, 08:27 PM IST

- बुधवार को महाष्टमी का पर्व धूम-धाम से मनाया जाएगा, होगी संधि पूजा

कोरबा. शहर में बने माता रानी के सैकड़ों दरबार में सुबह-शाम हजारों भक्त मत्था टेक आशीष की मनोकामना लिए पहुंच रहे हैं। देवी पंडालों की भव्यता देखते ही बन रही है। सप्तमी के अवसर पर पंडालों व मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार रही। बुधवार को महाष्टमी का पर्व धूम-धाम से मनाया जाएगा।
नवरात्रि के उत्सव की शुरुआत सुबह ढाक की आवाज के साथ होता है, जबकि देर रात तक गरबा व डांडिया के साथ मां की आराधना की जाती है।
मंगलवार को मां दुर्गा के सातवें रूप की आराधना हुई। शहर के विभिन्न पंडालों में इसके लिए विशेष पूजा अर्चना आयोजित की गई।

बुधवार को मां दुर्गा की आठवीं शक्ति महागौरी की पूजा होगी। माना जाता है कि महागौरी अमोघ और फलदायिनी हैं। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, वे सभी प्रकार से पवित्र और अक्षय पुण्यों का अधिकारी हो जाता है। महागौरी की चार भुजाएं हैं। इनका वाहन वृषभ है। इनके दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ पर त्रिशूल है। ऊपर वाले बाएं हाथ में डमरू और नीचे के हाथ में वर मुद्रा होता है। इनकी मुद्रा अत्यंत शांत होती है।
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मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। सर्वमंगला मंदिर में नवरात्र के दौरान भक्त दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। मंगलवार को तो मंदिर में भक्तों की कतार पार्किंग स्थल तक थी। इसी तरह मड़वारानी मंदिर, कोसगाई मंदिर, पाली मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भक्तों का तांता लग रहा है।

गरबे में मां की आराधना
नवरात्र पर युवा वर्ग डांडिया व गरबा नृत्य से मां दुर्गा सेआर्शीवाद लेने में लगे हुए हैं। देर रात तक गरबा के पारम्परिक गानों में युवा थिरक रहे हैं। पाटीदार भवन में गुजराती समाज द्वारा जहां एक ओर लाइव धुनों पर गरबा किया जा रहा है। वहीं एमपीनगर, शिवाजी नगर, सीएसईबी कालोनी सहित अन्य मैदानों में भी गरबे की धूम मची है।

बुधवार को महाष्टमी पर होगी संधि पूजा, जगमगाएंगे 108 द्वीप
अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है। विशेष कर संधि पूजा की जाती है। संधि पूजा में १०८ दीपकों की आरती की जाएगी। रात १२ बजे के बाद इसका मुहूर्त है। देवी पंडालों में इसके लिए अलग से अनुष्ठान की तैयारी है। संधि पूजा के बाद पुष्पाजंलि भी आयोजित की जाएगी।