दुर्गा पूजा पर्व 2020 : ये हैं देवी मां को प्रसन्न करने के अचूक उपाय, होगी हर मनोकामना पूरी

|

Published: 01 Oct 2020, 01:58 PM IST

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा (Durga Puja) की पूजा आराधना...

- दुर्गा पूजा 2020 में कब है (Durga Puja 2020 Mein Kab Hai)

- दुर्गा पूजा का शुभ मुहूर्त (Shardiya Navratri Ka Shubh Muhurat)

- दुर्गा पूजा का महत्व (Navratra Puja Ka Mahatva)

- दुर्गा पूजा की पूजा विधि (Nav durga ki Puja Vidhi)

- दुर्गा पूजा की कथा (Navratri Story)

 

वर्तमान में अधिक मास का आधे से अधिक समय समाप्त हो चुका है। दरअसल इस वर्ष यानि अंग्रेजी वर्ष 2020 / भारतीय कैलेंडर के अनुसार विक्रम संवत 2077 में अधिकमास लगने के कारण शारदीय नवरात्रि एक महीने की देरी से शुरू होने जा रहीं हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष पितृपक्ष के समाप्ति के बाद अगले दिन से ही शारदीय नवरात्रि शुरू होना जाते है, लेकिन इस बार अधिक मास यानि पुरुषोत्तम मास पितृपक्ष के ठीक अगले दिन से शुरु हो जाने के कारण पितरों की विदाई के बाद नवरात्रि का त्योहार शुरू नहीं हो सका। ऐसे में इस बार नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है, नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा (Durga Puja) के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा आराधना की जाती है।

पंडित सुनील शर्मा के मुताबिक शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना परम सुखदायी है और नवरात्रि मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि नवरात्रि में मां दुर्गा अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करती हैं। ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान किए गए सात्विक उपाय बहुत शुभ फलदायी होते हैं। माना जाता है कि नवरात्र में कुछ अचूक उपायों को करके भक्तों की सब मनोकामनाएं निश्चय ही पूर्ण होती हैं।

तो आइएजानें नवरात्रि के कुछ अचूक उपायों के बारे में जरुरी बातें। जिन्हें पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से करने से जीवन में सुखों का वास रहता है।

1. नवरात्रि में मां दुर्गा को शहद का भोग लगाने से भक्तों को सुन्दर रूप प्राप्त होता है और उनके व्यक्तित्व में तेज प्रकट होता है।

2. नवरात्रि में पूजा के समय प्रतिदिन माता को शहद और इत्र चढ़ाना ना भूलें। नौ दिन के बाद जो भी शहद और इत्र बच जाएं उसे उसे प्रतिदिन माता का स्मरण और ध्यान करते हुए स्वयं इस्तेमाल करें, मां दुर्गा की आप के ऊपर सदैव कृपा दृष्टि बनी रहेगी।

3. नवरात्रि में मां दुर्गा की अराधना लाल रंग के कंबल के आसन पर बैठकर करना अति उत्तम माना गया है। इससे सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती हैं।

4. माता लक्ष्मी की स्थाई प्राप्ति के लिए नवरात्रि के दौरान पान में गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर मां दुर्गा को अर्पित करें।

नवरात्रि में मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अधिक से अधिक मां दुर्गा को समर्पित मंत्रों का जाप करें।

मंत्र...

1. ''सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके।

शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते।।

2. ऊँ जयन्ती मंगलाकाली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।।

 

ये भी खास...

- दुर्गा पूजा 2020 में कब है (Durga Puja 2020 Mein Kab Hai): 17 अक्टूबर,शनिवार को घटस्थापना से 25 अक्टूबर, विजया दशमी तक। वहीं 26 अक्टूबर 2020,सोमवार को दुर्गा विसर्जन होगा।

- दुर्गा पूजा का शुभ मुहूर्त (Shardiya Navratri Ka Shubh Muhurat): घटस्थापना मुहूर्त :06:18:25 से 10:09:48 तक, अवधि :3 घंटे 51 मिनट

- दुर्गा पूजा का महत्व (Navratra Puja Ka Mahatva): मान्यता है कि देवी दुर्गा की बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर विजय के रूप में दुर्गा पूजा का पर्व मनाया जाता है इसलिए दुर्गा पूजा पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर भी जाना जाता है।

- दुर्गा पूजा की पूजा विधि (Nav durga ki Puja Vidhi): पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ नियमों का पालन करते हुए दुर्गा पूजा करें।

- दुर्गा पूजा की कथा (Navratri Story): कहते हैं कि ब्रह्मा जी से वरदान पाकर महिषासुर नामक राक्षस के अंदर अहंकार की ज्वाला भड़क उठी। वह तीनों लोकों में अपना आतंक मचाने लगा। इसके बाद दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाया जाता है।