बसंत पंचमी कल : जानें सरस्वती पूजा विधि एवं सटीक शुभ मुहूर्त

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Published: 29 Jan 2020, 10:09 AM IST

बसंत पंचमी कल : जानें सरस्वती पूजा विधि एवं सटीक शुभ मुहूर्त

साल 2020 में बसंत पचंमी का महापर्व 30 जनवरी दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। बसंत उल्लास है, बसंत सुंगध है, बसंत मुस्कान है, बसंत सौंदर्य है, बसंत प्रकृति है, बसंत संगीत है और सर्वोपरि बसंत साधना है, जीवन का उत्कर्ष है। जिसके जीवन में बसंत का आगमन हो जाता है उसके जीवन में अनेक श्रेष्ठ क्रांतियां जन्म लेने लगती है। इस दिन मां सरस्वती की आराधना इसी भाव से जो कोई भी करता है उसके जीवन में उपरोक्त बाते स्वतः ही मां की कृपा से प्रवेश करने लगती है। बसंत पंचमी का त्यौहार प्रतिवर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। जानें माँ सरस्वती की पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त।

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बसंत पंचमी- मां सरस्वती पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त

1- बसंत पंचमी तिथि का आरंभ- 29 जनवरी को सुबह 10 बजकर 45 मिनट से हो जाएगा।

2- बसंत पंचमी तिथि का समापन- 30 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 19 मिनट पर होगा।

3- माँ सरस्वती पूजन का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त- 3 जनवरी को सुबह 10 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा भी 30 जनवरी को सूर्योदय से लेकर शाम को 4 बजकर 15 मिनट तक पर्व पूजन किया जा सकता है।

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बसंत पंचमी पर्व पर ऐसे करें माँ सरस्वती की पूजा

1- माघ माह की पंचमी तिथि को मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है।

2- पूजा में सफ़ेद कमल पर बैठी वीणाधारिणी मां सरस्वती का स्वरूप सर्वोत्तम माना जाता है।

3- सफ़ेद अथवा पीले वस्त्र धारण करके इनकी पूजा करनी चाहिए और पूजा का आसन भी पीला हो तो सर्वोत्तम माना जाता है।

4- पूजा में सफ़ेद अथवा पीले फूल तथा हलवा या मेवा का भोग लगाना चाहिए।

5- स्फटिक की माला से इस मंत्र- ॐ ऐं नमः या फिर ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः मन्त्र का 108 बार जप करने से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है।

6- बसंत पंचमी के दिन पूरी श्रद्धा भावना से व्रत रखकर प्रातः सरस्वती वंदना का पाठ भी करना चाहिए।

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