Latest News in Hindi

हरियाणा के स्कूलों में 40 हजार से अधिक अध्यापकों के पद खाली

By Shankar Sharma

Sep, 10 2018 10:19:52 (IST)

हरियाणा की मनोहर सरकार के दावों के बाजूद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में अध्यापकों के पद रिक्त हैं।

चंडीगढ़। हरियाणा की मनोहर सरकार के दावों के बाजूद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में अध्यापकों के पद रिक्त हैं। इसके बावजूद सरकार जहां स्कूलों में अंग्रेजी विषय को पहली व दूसरी कक्षा से शुरू किए जाने की कवायद चल रही है। विधानसभा में सोमवार को दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान विधायक केहर सिंह ने राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से कक्षाएं शुरू करने का मुद्दा उठाया।

शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की अनुपस्थिति में कृषि मंत्री ओ.पी.धनखड़ जब इस सवाल को जवाब देने के लिए खड़े हुए तो कांग्रेस विधायक कुलदीप शर्मा ने कटाक्ष कर दिया। इसके बाद शिक्षा मंत्री के हवाले से कृषि मंत्री ने बताया कि अंग्रेजी कक्षाओं की शुरूआत शैक्षणिक सत्र 2018-2019 से 119 विद्यालयों में की जा चुकी है। धनखड़ ने बताया कि अगले वर्ष दूसरी कक्षा से भी इसकी शुरूआत की जाएगी। प्रत्येक शिक्षा खंड से दो विद्यालयों का चयन करके 299 विद्यालयों को इसमें शामिल किया जाएगा।


इस मुद्दे पर पूरक सवाल लगते हुए विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने स्कूलों में अध्यापकों की कमी का दावा करते हुए कहा कि आज प्रदेश में एक लाख 26 हजार 838 अध्यापकों में से 45 हजार 167 पद रिक्त पड़े हुए हैं। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने खराब परीक्षा परिणाम के मुद्दे पर सरकार को घेर लिया। शिक्षा मंत्री ने सदन के समक्ष स्वीकार किया कि प्राइमरी विंग में अध्यापकों की कोई कमी नहीं है। अलबत्ता टीजीटी वर्ग में 97.5 प्रतिशत व पीजीटी वर्ग में 74.7 प्रतिशत अध्यापकों के पद भरे हुए हैं। शिक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि हरियाणा में इस समय विभिन्न वर्गों के तहत 41 हजार 181 अध्यापकों के पद रिक्त हैं।


शिक्षा मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने जहां पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बंसीलाल के गांव गोलागढ़ के स्कूल को अपग्रेड न किए जाने का मुद्दा उठाया वहीं गीता भुक्कल ने अपने सरकार के समय स्कूलों की उपलब्धियों का हवाला देते हुए सरकार को घेरने का प्रयास किया। कृषि मंत्री धनखड़ ने विपक्ष की सुर में सुर मिलाते हुए यह तो स्वीकार किया कि खराब परीक्षा परिणाम के आरटीई एक्ट जिम्मेदार हैं लेकिन उन्होंने इसके लिए भी पूर्व कांग्रेस सरकार के सिर ठीकरा फोड़ दिया।