Good News: सीएस बनने के लिए कॉमर्स जरूरी नहीं, इन विषयों के छात्र भी बन सकेंगे सीएस

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Published: 07 Feb 2020, 12:06 PM IST

इस साल से नए पैटर्न पर होगी कंपनी सचिव की परीक्षा। फाउंडेशन परीक्षा बंद, अब एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट होगा। कॉमर्स के साथ अब रीजनिंग, एप्टीट्यूड जैसे विषयों पर रहेगा जोर।

दी इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेकेट्रीज ऑफ इंडिया (आइसीएसआइ) (The Institute of Company Secretaries of India (ICSI)) ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। इसके अंतर्गत इस वर्ष से कंपनी सचिव (सीएस) (CS) फाउंडेशन परीक्षा (Company Secretary (CS) Foundation) बंद कर दी है। इसके स्थान पर कंपनी सचिव एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट (सीएसईईटी) (Company Secretary Executive Entrance Test (CSET)) होगा। इसे पास करने के बाद छात्र को कंपनी सचिव पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। दरअसल, वर्तमान में सीएस फाउंडेशन परीक्षा में अधिकांश विषय कॉमर्स से संबंधित थे, जिसके कारण बारहवीं कॉमर्स के साथ करने वाले विद्यार्थी ही कंपनी सचिव (company Secretary) बनने के लिए परीक्षा में बैठते थे। नए पैटर्न के चलते कला-विज्ञान विषय के छात्र भी सीएस बन सकेंगे।


पहली सीएसईईटी मई में
पहली सीएसईईटी इस साल मई में होगी। इसके बाद जुलाई व नवम्बर में होगी। कम्प्यूटर बेस्ड सीएसईईटी में पहला प्रश्न पत्र बिजनेस कम्यूनिकेशन, दूसरा लीगल एप्टीट्यूड व लॉजिकल रीजनिंग, तीसरा इकोनॉमिक्स व बिजनेस एनवायरमेंट और चौथा करंट अफेयर्स व कम्यूनिकेशन स्किल का होगा। चार्टर्ड एकाउंटेंट के लिए प्रवेश परीक्षा से छूट रहेगी। ऐसे अभ्यर्थी सीधे ही एग्जीक्यूटिव परीक्षा में बैठ सकते हैं।

तीन की बजाय ढाई साल में सीएस
आइसीएसआइ जोधपुर चैप्टर के सचिव दीपक केवलिया ने बताया कि पाठ्यक्रम में उक्त बदलाव से छात्रों के समय में भी बचत होगी। अब 3 वर्ष की बजाय ढाई साल में कम्पनी सचिव बना जा सकेगा।

सीएस फाउण्डेशन परीक्षा समाप्त कर दी गई है। पहले प्रवेश परीक्षा में कॉमर्स का भाग अधिक आता था। अब नए पाठ्यक्रम में अन्य विषयों को भी तरजीह दी गई है।
पूजा चंदानी, पूर्व अध्यक्ष, आइसीएसआइ जोधपुर चैप्टर