विजय माल्या ने दिया प्रत्यर्पण के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का संकेत

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Updated: 10 Dec 2018, 09:09 PM IST

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए माल्या ने कहा कि कोर्ट के फैसले का उन्हें पहले ही अंदेशा था। इसलिए इसको लेकर कोई हैरानी नहीं है।

लंदनः शराब कारोबारी विजय माल्या को अब भारत लाया जाएगा। लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है। माल्या के भारत में प्रत्यर्पण मामले को लंदन कोर्ट ने सेक्रटरी ऑफ स्टेट को सौंप दिया है। विजय माल्या ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का संकेत दिया है। अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए माल्या ने कहा कि कोर्ट के फैसले का उन्हें पहले ही अंदेशा था। इसलिए इसको लेकर कोई हैरानी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारी कानूनी टीम चर्चा करेगी और आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लेगी। यह एक लंबी प्रक्रिया है। ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए माल्या के पास 14 दिन का समय है। उधर, सीबीआई ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि माल्या को जल्द ही भारत लाया जा सकेगा। सीबीआई ने कहा, 'हम जल्द ही उसे लाने और केस को खत्म करने की उम्मीद करते हैं। सीबीआई की अपनी अंतर्निहित शक्तियां हैं। हमने इस मामले पर बहुत मेहनत की। हम कानून और तथ्यों पर मजबूत थे और प्रत्यर्पण प्रक्रिया का पालन करते समय हमें इस बात का विश्वास था।

 

कर्मचारियों को पहले देंगे पैसे- माल्या
कोर्ट के फैसले के बाद विजय माल्या ने कहा कि कर्मचारी मेरी पहली प्राथमिकता हैं। पिछले 2 वर्षों में कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए हमने अदालत से इजाजत मांगी थी। अगर अदालत मेरे प्रस्ताव को स्वीकर कर लेगी तो सबसे पहले कर्मचारियों की सैलरी की दी जाएगी। इससे पहले मामले की सुनवाई से पहले विजय माल्या ने कहा है कि उसने किसी का पैसा नहीं चुराया है। माल्या ने कहा कि मैं भारतीय बैंकों का पूरा पैसा चुकाने को तैयार हूं। उसने कहा कि बकाया चुकाने का प्रत्यर्पण से कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट की सुनवाई में जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए माल्या ने कहा कि मैने पहले भी कर्नाटक हाईकोर्ट में समझौते की पेशकश की थी लेकिन इस पर जांच एजेसियां राजी नहीं हुई।

 

कोर्ट में सुनवाई के दौरान ये टीम रहेगी मौजूद
कोर्ट में सुनवाई के दौरान विजय माल्या और उसके वकील मौजूद रहे तो वहीं भारतीय जांच एजेंसियों की तरफ से सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर ए साई मनोहर के नेतृत्व में सीबीआई और ईडी की टीम मौजूद रही। बता दें कि विजय माल्या पर भारतीय बैकों का 9 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार होने का आरोप है। इस मामले में माल्या पिछले साल अप्रैल से जमानत पर है।