रेलवे ने खोला 11 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के लिए खजाना, दिवाली से पहले मिलेगा इतना बोनस

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Updated: 23 Oct 2020, 11:36 AM IST

  • नॉन गजेटिड रेल कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस के हिसाब से दिया जाएगा बोनस
  • प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस से रेलवे पर कुल 2081.68 करोड़ रुपए का पड़ेगा बोझ

नई दिल्ली। मौजूदा कोविड साल में जिस से तरह से रेलवे और उसके कर्मचारियों ने अपनी भूमिका को अदा किया है और काफी सराहनीय है। ऐसे में रेलवे मिनिस्ट्री की ओर से अपने कर्मचारियों के लिए खजाने को पूरी तरह से खोल दिए हैं। इस साल रेलवे अपने 11 लाख से ज्यादा नॉन गजेटिड कर्मचारियों को 78 दिनों के हिसाब से बोनस देगा। जिसकी वजह से रेलवे पर 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का दबाव आ जाएगा। आपको बता दें कि रेलवे मिनिस्ट्री की ओर से डीए काट लिया गया था, जिसकी वजह से लग रहा था कि रेलवे के कर्मचारियों को बोनस ना मिले। जिसकी वजह से कर्मचारियों की ओर से आंदोलन भी शुरू कर दिया था।

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11 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को बोनस का ऐलान
रेल मंत्रालय की ओर से नॉग गजेडिट कर्मचारियों को 78 दिनों के साथ बोनस देने का ऐलान किया है। जिसका फायदा 11.58 लाख कर्मचारियों को दिया जाएगा। बोनस के तहत कर्मचारियों को 78 दिनों के हिसाब से सैलरी दी जाएगी। जिसे रेल मंत्रालय की जुबान में प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस भी कहते हैं। जिसकी कुल रकम 2081.68 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। ऐसे में आप उम्मीद लगा सकते हैं कि रेलवे के कर्मचारियों को किस तरह का फायदा होगा।

यह होगी बोनस की खासियत
- रेल कर्मचारियों को इस साल 78 दिनों का बोनस मिलेगा।
- बोनस की अधिकतम सीमा 17,951 रुपए ही होगी।
- पिछले साल भी कर्मचारियों को 78 दिन का ही बोनस मिला था।
- जिसकी अधितम सीमा 17,951 रुपये ही तय की गई थी।
- यह बोनस सभी करेमचारियों को एक किस्त में ही मिलेगा।
- इस बोनस को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में डाला जाएगा।
- इससे कुल 11.58 लाख रेल कर्मचारियों को फायदा होगा।
- इसमें रेलवे सुरक्षा बल के जवान शामिल नहीं हैं।

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किया था प्रदर्शन
प्रत्येक वर्ष रेलवे कर्मचारियों को दशहरे के मौके पर बोनस दिया जाता है। वहीं इस साल रेल कर्मचारियों ने बोनस नहीं मिलने की स्थिति में देशभर में रेल का ***** जाम करने की चेतावनी दी थी, जिसको लेकर मंगलवार को प्रदर्शन भी किया गया था। जिसके बाद कैबिनेट की मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से सभी केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस देने का फैसला किया। इसके अलावा रेल मंत्रालय के उस प्रस्ताव को स्वीकार किया था जिसमें आरपीएफ, आरपीएसएफ को छोड़कर सभी नॉन गजेटिड कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस देने की बात कही गई थी।