पीएम ने इन्फ्रा प्रॉजेक्ट्स को समय से पूरा करने का दिया निर्देश

|

Published: 26 Apr 2017, 10:34 PM IST

मोदी ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता पर दक्षता और कड़ाई से निगरानी का निर्देश दिया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे और डिजिटल क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए इफ्रास्ट्रक्ïचर सेक्टर के प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने के लिये समयसीमा का सख्ती से पालन करने और मजबूती के साथ आगे बढऩे पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने प्रेजेंटशन देते हुए कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में शानदार प्रगति हुई है। मंगलवार देर रात हुई बैठक साढ़े चार घंटे चली।

बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत औसतन प्रतिदिन 130 किलोमीटर सड़कों के निर्माण की सबसे ऊंची दर हासिल करने में सरकार सफल रही है। इससे 2016-17 में  47,400 किलोमीटर सड़कें और 11,641 आवासीय
इलाकों को इस अवधि में सड़कों से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार हुई बैठक के बारे में बयान जारी कर कहा कि
वित्त वर्ष 2016-17 में 4,000 किलोमीटर हरित सड़कों का निर्माण हरित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए किया गया। गैर परंपरागत सामग्री मसलन बेकार प्लास्टिक, कोल्ड मिक्स, जियो टेक्सटाइल, फ्लाई एश, लौह और कॉपर स्लैग के
इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

मोदी ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता पर दक्षता और कड़ाई से निगरानी का निर्देश दिया। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने पहले से इस्तेमाल की जा रही 'मेरी सड़क जैसी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। पीएमओ के बयान में कहा गया है कि मोदी ने महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का भी आह्वान किया जिससे कि शेष संपर्क से कटे आवासीय क्षेत्रों को जल्द से जल्द जोड़ा जा सके।

पीएमओ के बयान में कहा गया है कि मोदी ने महत्वपूर्ण संपर्कों को तेजी से पूरा करने का भी आह्वान किया जिससे कि शेष संपर्क से कटे आवासीय क्षेत्रों को जल्द से जल्द जोड़ा जा सके। बैठक में बताया गया कि 2016-17 में चार और छह लेन के 26,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। बैठक में कहा गया कि इसकी रफ्तार तेज हो रही है।
रेलवे क्षेत्र में 2016-17 में 953 किलोमीटर नई लाइनें बिछाई गईं, जबकि लक्ष्य 400 किलोमीटर का था।

इस अवधि में 2ए000 किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया और 1,000 किलोमीटर गेज कन्वर्जन हुआ। इस दौरान मानवरहित 1,500 रेलवे लेवल क्रॉसिंग समाप्त की गईं। 115 रेलवे स्टेशनों पर वाईफाई उपलब्ध कराया गया और 34,000 बायो टायलेट जोड़े गए। प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशनों के पुनरू विकास से संबंधित कार्यों की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने किराया से हटकर दूसरे स्रोतों से राजस्व जुटाने के लिए अधिक सृजनात्मकता दिखाने को कहा। बैठक में पूर्वी बाहरी एक्सप्रेस मार्ग, चार धाम परियोजनाए क्वाजीगुंड-बनिहाल टनल, चेनाब रेलवे ब्रिज और जिरिबाम इंफाल परियोजना की भी समीक्षा की गई।