एनएसएसओ की रिपोर्ट से हुआ खुलासा, आर्थिक आंकड़ों में फर्जीवाड़े पर फिर घिरी सरकार

|

Published: 09 May 2019, 05:50 PM IST

  • जीडीपी आंकड़े में 38 फीसदी कंपनियों के डेटा गड़बड़
  • सरकार बोली, खामी मिलने पर कियाना जाएगा सुधार

नई दिल्ली। देश के सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) के नई शृंखला के आंकड़े खुद सरकार की ही एक रिपोर्ट से एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं। केंद्र सरकार के सांख्यिकी कार्यालय के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण प्रभाग ( एनएसएसओ ) की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि नई शृंखला में जीडीपी की गणना करने के लिए कंपनी मामलों के मंत्रालय के पोर्टल में जिस एमसीए 21 डेटाबेस का इस्तेमाल हुआ है, उनमें से 16.4 फीसदी कंपनियां या तो बंद हो चुकी हैं या उनका कोई अतापता नहीं। इसी तरह 21.4 फीसदी कंपनियों का पंजीकरण ही गड़बड़ है। इस तरह करीब 38 फीसदी कंपनियों के डेटा गड़बड़ी वाले हैं।

यह भी पढ़ेंः- सोना फिर बन सकता निवेशकों की पहली पसंद, ये हैं बड़ी वजह

सरकार और अर्थशास्त्रियों की राय जुदा
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय का कहना है कि 2017-18 सीरीज के जीडीपी आंकड़ों को अंतिम रूप देने से पहले इन विसंगतियों को दूर कर लिया जाएगा। आकड़ों को तैयार करने की विधि में भी जरूरत पडऩे पर संशोधन किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक परिणाम इतने निराशाजनक थे कि सर्वेक्षण के आधार पर दो विस्तृत रिपोर्टों को रद्द करना पड़ा। इस मामले में विशेषज्ञों की राय एकदम जुदा दिख रही है। कुछ का कहना है कि जीडीपी के आंकड़े इससे कमतर नहीं होते क्योंकि अर्थव्यवस्था में प्रत्येक क्षेत्र को शामिल किया जाता है। लेकिन कुछ ने जीडीपी गणना में मुखौटा कंपनियों को शामिल करने की आलोचना करते हुए कहा कि ये कंपनियां कुछ भी उत्पादन नहीं कर रही हैं।

यह भी पढ़ेंः- लगातार दूसरे दिन सोने के दाम में इजाफा, 40 रुपए मजबूत, चांदी स्थिर

नहीं करते हैं अपने रिकॉर्ड दुरुस्त
रिकॉर्ड दुरुस्त न कराने के चलते विसंगतियां राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) के कार्यवाहक अध्यक्ष पीसी मोहनन ने कहा कि इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जब आप सरकारी आंकड़े देखते हैं, तो कई विसंगतियां मिलती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अधिकतर लोग सरकारी दस्तावेजों में अपना रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं करते हैं। हम अपना पता बदलते हैं लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस या कार का रजिस्ट्रेशन आदि बदलवाने की जहमत नहीं उठाते हैं। इसी तरह कई कंपनियों को दूसरी जगह ले जाने पर भी उनका पता नहीं बदलवाया गया।

यह भी पढ़ेंः- मारुति सुजुकी का उत्पादन 9 फीसदी घटा, सबसे कम हुआ इस गाड़ी का उत्पादन

विपक्ष ने सरकार को फिर घेरा
चुनावी मौसम में हुए इस खुलासे से आंकड़ों में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष एक बार फिर सरकार पर हमलावर हो गया है। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि एनएसएसओ के खुलासे से यह साफ है कि सरकार फर्जी आंकड़े इस्तेमाल कर रही है। गलत आंकड़े पेश किया जाना घोटाला है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि नई सरकार को पिछले पांच साल की आर्थिक बदहाली को दुरुस्त करना होगा।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.