मोदी सरकार का कोरोना वैक्सीन को लेकर मेगा प्लान, रिजर्व में रखा 50 हजार करोड़

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Updated: 23 Oct 2020, 08:59 AM IST

  • विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति वैक्सीन का खर्च 6 से 7 डॉलर आने की है उम्मीद
  • सरकार ने पूरे देश में वैक्सीनेशन के लिए करीब 50 हजार करोड़ का फंड रखा अलग से रखा रिजर्व

नई दिल्ली। भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वैैक्सीन ( Corona Virus Vaccine ) को बनाने का तेजी से चल रहा है। ह्यूमन ट्रायल का दौर कई देशों में तीसरे स्टेज तक पहुंच चुका है। उम्मीद की जा रही है कि मार्च 2021 तक कोरोना वैक्सीन सभी के सामने होगी। ऐसे में भारत ने इस वैक्सीन देश के लोगों तक पहुंचाने के लिए अलग फंड रख दिया है। विदेशी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने पूरे देश में वैक्सीनेशन के लिए करीब 50 हजार करोड़ का अलग से फंड रिजर्व किया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएम मोदी सरकार ( Modi Government ) का मानना है कि देश में प्रति व्यक्ति वैक्सीन का खर्च 6 से 7 डॉलर होगा। ऐसे में 130 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन प्रोग्राम ( Corona Vaccination Program Fund ) काफी महंगा हो सकता है। आपको बता दें कि हाल ही में देश की भारतीय जनता पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में बिहार के लोगों को फ्री में वैक्सीनेशन देने का वादा किया है। ताज्जुब की बात तो ये है कि यह वैक्सीन भारत सरकार द्वारा पूरे देश में फ्री में प्रोवाइड कराने की तैयारी की जा रही है।

नहीं होगी फंड की दिक्कत
मीडिया रिपोर्ट के हवाले के अनुसार इस फंड को चालू वित्त वर्ष के लिए प्रोविजनिंग कर दिया गया है। जानकारों की मानें तो फंड की किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। वैसे अभी तक वित्त मंत्रालय ( Finance Ministry ) की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। साथ ही विदेशी मीडिया की इस रिपोर्ट पर सरकार के किसी मंत्री की ओर से कोई कमेंट नहीं आया है।

होगी 80 हजार करोड़ रुपए की जरुरत
वैसे कुछ दिन पहले सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदर पूनावाला ( Adar Poonawala ) की ओर से बयान आया था कि पूरे देश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम रन कराने के लिए सरकार को करीब 80 हजार करोड़ रुपए की जरुरत होगी। उन्होंने अपने बयान में इस बात का भी जिक्र किया था कि वैक्सीन की सरकारी खरीद के बाद इसकी डिलिवरी सबसे बड़ी समस्या होने वाली है।

स्विगी और जोमाटो ले सकते हैं सहारा
कुछ दिन पहले यह खबर भी आई थी वैक्सीन की सेफ्टी को लेकर सरकार ने सतर्कता अभी से बरतनी शुरू कर दी है और उसे सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की तलाश शुरू कर दी है। पूरे देश में वैक्सीन पहुंचाने के लिए सभी जगहों पर कोल्ड स्टोरेज होना अनिवार्य है। ऐसे में सरकार की ओर से कोल्ड स्टोरेज के लिए स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों के भी संपर्क किया है। जानकारों की मानें तो तालुका लेवल पर रेफ्रिजरेटर्स, कोल्ड स्टोरेज आदि की व्यवस्था काफी जरूरी है। ऐसे में टीका उपलब्ध कराने वाली अधिकतर कंपनियों को कोल्ड स्टोरेज की सप्लाई चेन की जरूरत होगी।