बीते वित्त वर्ष इस छोटे से देश ने भारत में किया सबसे ज्यादा निवेश

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Updated: 03 Sep 2018, 08:15 AM IST

आरबीआई ने विदेशी वित्त वर्ष 2017-18 में आए विदेशी निवेश के आंकड़े जारी कर दिए हैं।

नई दिल्ली। वित्तीय वर्ष 2017-18 में देश में सर्वाधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मॉरीशस से आया, जबकि सिंगापुर इस मामले में दूसरे स्थान पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2017-18 में देश में कुल 2.65 लाख करोड़ रुपए का एफडीआई आया। इसकी तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में 2.57 लाख करोड़ का एफडीआई आया था। 2017-18 में मॉरीशस से लगभग 95.2 हजार करोड़ रुपए और सिंगापुर से 65.8 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त हुआ। इससे पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा क्रमश: 94.9 हजार करोड़ रुपए और 46.2 हजार करोड़ रुपए था।

नीदरलैंड से आने वाला एफडीआई घटा

आरबीआइ की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, नीदरलैंड्स से आने वाले एफडीआई में गिरावट दर्ज की गई। 2017-18 में नीदरलैंड्स से 18.5 हजार करोड़ रुपए का निवेश आया, जबकि 2016-17 में 22.9 हजार करोड़ रुपए का निवेश आया था। आंकड़ों के मुताबिक ई-कॉमर्स, वित्तीय तकनीक जैसे क्षेत्रों में एफडीआई का प्रवाह बढ़ा है। देश में आने वाले कुल विदेशी निवेश का आधे से अधिक हिस्सा इन क्षेत्रों में आया है।

अगस्त में एफपीआई से 5100 करोड़ का निवेश

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने देश के पूंजी बाजारों में अगस्त महीने में 5100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। यह इस वित्त वर्ष में लगातार दूसरा महीना है, जब एफपीआई का निवेश सकारात्मक रहा। इसकी मुख्य वजह लघु और मध्यम श्रेणी की कंपनियों के तिमाही परिणाम बेहतर होना है। इससे पहले उन्होंने अप्रैल से जून तिमाही में 61 हजार करोड़ रुपए से अधिक की निकासी हुई थी। जुलाई में विदेशी निवेशकों ने 2300 करोड़ रुपए का निवेश किया था।

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