सरकार ने की नई व्यवस्था: एकमुश्त यूडी टैक्स भुगतान देगा माथापच्ची से मुक्ति, वर्तमान दर से आठ गुणा राशि जमा कराते ही भविष्य में टैक्स से मुक्ति

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Published: 06 Mar 2018, 01:45 PM IST

उदयपुर . अब सालाना नगरीय विकास शुल्क (यूडी टैक्स) के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

उदयपुर . अब सालाना नगरीय विकास शुल्क (यूडी टैक्स) के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार के नए आदेश के अनुसार एक साथ वर्तमान दर से आठ गुणा राशि जमा करवाने वालों को भविष्य में इसकी चिंता नहीं करनी होगी। इस आदेश से आर्थिक तंगी से संघर्ष कर रही छोटी नगर पालिकाओं को एकमुश्त टैक्स मिलने से राहत मिलेगी, वहीं आमजन को भी बार-बार टैक्स के लिए नगर निकायों की सीढिय़ां नहीं चढऩी होगी।

 

नए आदेश के तहत जो आवेदक टैक्स एकमुश्त देना चाहते हैं, उनके टैक्स की गणना की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी ने एकमुश्त टैक्स जमा नहीं करवाया है लेकिन इसके बारे में पूछताछ जरूर हो रही है। स्वायत्त शासन विभाग ने पहली बार एक मुश्त नगरीय विकास शुल्क वसूलने की शुरुआत की है जिससे छोटे मकानों व भूखंडधारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

 

ऐसे लेंगे एकमुश्त राशि
नगर निगम में वर्ष 2017-18 की यूडी टैक्स गणना से जो राशि बन रही है, उसकी आठ गुणा राशि एकमुश्त जमा करवानी होगी। इसके बाद यूडी टैक्स वसूला नहीं जाएगा। किसी का पिछला टैक्स बाकी है तो उसे इस एकमुश्त राशि जमा कराने की प्रक्रिया से पहले पुरानी बाकियात जमा करानी होगी।

 

ये जमा करा सकते एकमुश्त राशि
सभी प्रकार के कर योग्य सम्पत्तियां, आवासीय, संस्थागत, व्यवसायिक, औद्योगिक एवं अन्य सभी सम्पत्तियां इस योजना में शामिल है।

 

भवन-मकान में बदलाव किया तो...
एकमुश्त राशि जमा कराने के बाद अगर कोई उस सम्पति के उपयोग परिवर्तन होने अथवा मौजूदा निर्माण में परिवर्तन करने पर तदनुसार कर का पुनर्निर्धारण करते हुए करदाता के विकल्प पर प्रतिवर्ष या एकमुश्त राशि जमा करवाई जाएगी।

 

उदयपुर में इनसे लेते है टैक्स
2700 वर्ग फीट आवासीय और 900 वर्ग फीट व्यावसायिक भूखंड धारियों से यूडी टैक्स लिया जाता है। बकाया राशि जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ बैंक खाते सीज कराने व कुर्की की कार्रवाई की जाती है।

 

उदयपुर में टैक्स गणना का फार्मूला
नगरीय विकास कर की गणना का फार्मूला इस प्रकार है। वर्तमान में भूखण्ड के क्षेत्रफल या निर्मित क्षेत्रफल को मौजूदा डीएलसी दर से गुणा कर उसमें 2000 का भाग देने से कर की गणना की जाती थी।

 

इनका कहना है...
स्वायत्त शासन से आदेश मिल चुका है। यूडी टैक्स के लिए एकमुश्त राशि देने के नए आदेश की जानकारी हमारी टीम अच्छे से समझा रही है। यूडी टैक्स एक साथ जमा कराने वालों को बार-बार टैक्स जमा कराने के लिए परेशान भी नहीं होना पड़ेगा। हम भी इसका प्रचार-प्रसार कर रहे है।
- सिद्धार्थ सिहाग, आयुक्त नगर निगम