मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे डीएचएफएल के प्रमोटर्स, दाऊद इब्राहिम और इकबाल मिर्ची से है कनेक्शन

|

Published: 19 Oct 2019, 04:09 PM IST

  • दाऊद और इकबाल मिर्ची से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई कार्रवाई
  • ईडी ने 11 अक्टूबर को हारून यूसुफ और रंजीत सिंह बिंद्रा को किया था गिरफ्तार

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (डीएचएफएल) के कार्यालयों और इसके प्रमोटरों के आवासों सहित करीब आठ स्थानों पर छापे मारे। यह छापेमारी अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों के करीबी रहे इकबाल मिर्ची से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। मिर्ची की 2013 में मृत्यु हो गई थी। ईडी ने 11 अक्टूबर को उसके दो सहयोगियों हारून यूसुफ और रंजीत सिंह बिंद्रा को गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़ेंः- आरटीआई से खुलासा : 31 फीसदी मेल, 33 फीसदी पैसेंजर गाड़ियां रहीं लेट!

डीएचएफएल ने रियल एस्टेट कंपनी को दिया ऋण
वित्तीय जांच एजेंसी ने मंगलवार को मुंबई की एक अदालत को बताया कि डीएचएफएल द्वारा सनब्लिंक रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को तीन संपत्तियों पर 2,186 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था, जो इकबाल मिर्ची मामले में जांच के दायरे में हैं। एजेंसी अब ऋण से संबंधित डीएचएफएल के दस्तावेजों की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ेंः- सब्जियों की महंगाई ने बिगाड़ा किचेन का बजट, दोगुने रुपए हो रहे हैं खर्च

इकबाल मिर्ची के खातों में गया रुपया
ईडी ने जांच के दौरान पाया कि कंपनी ने सनब्लिंक को 2010 में ऋण देना शुरू किया था। ईडी इस बात की जांच कर रहा है कि क्या सनब्लिंक द्वारा नौ साल की अवधि में इकबाल मिर्ची के खातों में कथित रूप से 2,186 करोड़ रुपये विदेशों में भेजे गए। डीएचएफएल का हालांकि कहना है कि वह किसी भी गलत काम में शामिल नहीं रहा।