आम आदमी को मिली बड़ी राहत, तुअर और उड़द दालों की कीमत में आई गिरावट

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Updated: 11 Oct 2020, 11:40 AM IST

केंद्र सरकार ने दालों के खुदरा मूल्य को घटाने, और ख़रीदारों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक निश्चित मूल्य पर दाल उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में लगे लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त असर पड़ा है, नतीजा यह हुआ कि देश में बेरोजगारी बढ़ी और खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छूने लगे। एक तो लोगों की आमदनी ठप हो गई दूरी तरफ लोग महंगाई की मार से बेहाल हो गए। अनाज, दालों और तेल के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई। इसको देखते हुए सरकार ने आम लोगों को राहत पहुंचाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार ने दालों के खुदरा मूल्य को घटाने, और ख़रीदारों को सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक निश्चित मूल्य पर दाल उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।

आपको बतादें सरकार ने सस्ती दाल उपलब्ध कराने का जो फैसला लिया है उसके तहत खरीफ-18 वेरायटी वाली धुली उड़द दाल की खुदरा कीमत 79 रुपए किलोऔर खरीफ-19 वेरायटी की धुली उड़द दाल की खुदरा कीमत 81 रुपए किलो हो जाएगा। सामान्य तौर पर देश में सबसे ज़्यादा खपत होने वाली तुअर मतलब अरहर की दाल 85 रुपए किलो मिल सकेगा। सामान्य तौर पर दाल के दाम तो आसमान छूते ही हैं लेकिन लॉकडाउन के बाद से तो अरहर दाल के दाम बीते दो-तीन महीनों में 85 से 95 रुपये के आंकड़े को पार कर गए थे। पर मौजूदा दौर में तो दलों ने पिछले सभी रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए 135 रुपये किलो के आंकड़े को छूने लगा।मूंग और मसूर भी इनके पीछे-पीछे चल रही हैं।

दालों की बढ़ी हुई खुदरा दरों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि राज्यों में मांग के अनुरूप ज़रूरत के आधार पर 500 ग्राम और 1 किलो के खुदरा पैक तैयार कर सभी सरकारें अपने यहाँ दालों को वितरित कराने का इंतज़ाम करें। उपभोक्ता मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि, "उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए तुअर और उड़द की खुदरा कीमतों में वृद्धि को कम करने और दालों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है।''