शारदीय नवरात्रि 2019 : इन 9 दिन बन रहे हैं ये खास संयोग, इन 10 तरीकों से करें देवी की आराधना

|

Updated: 26 Sep 2019, 05:04 PM IST

  • Navratri ke upay : मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दिन के अनुसार देवी को लगाएं भोग
  • लाल कंबल के आसान पर बैठकर करें देवी मां की पूजा

शारदीय नवरात्रि 2019 : इन 9 दिन बन रहे हैं ये खास संयोग, इन 10 तरीकों से करें देवी की आराधना

नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 29 सितंबर से हो रही है। ये पर्व खुशहाली और समृद्धि लेकर आता है। इन दिनों देवी मां की पूजा करने और घर में कलश की स्थापना करना शुभ माना जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस बीच कुछ खास उपाय करने से देवी मां प्रसन्न हो सकती हैं।

1.नवरात्रि की शुरुआत रविवार के दिन होने से रवि योग बन रहा है। इस दिन देवी मां के कलश की स्थापना करने से घर में बरकत होगी।

2.नवरात्रि की चतुर्थी यानि 2 अक्टूबर को अमृत और सिद्धि योग बन रहे हैं। ये संयोग मनोवांछित फल प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छे होते हैं। इस बीच दुर्गा मंदिर में दान देना अच्छा होगा।

3.इस बार शारदीय नवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इस दिन देवी मां को लाल वस्त्र और श्रृंगार का सामना चढ़ाने से देवी प्रसन्न होंगी।

4.नवरात्रि नौ दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों को समर्पित होते हैं। जिनमें पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यानी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी, नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माता के इन स्वरूपों की पूजा करते समय दिन के अनुसार भोग लगाएं।

5.आर्थिक परेशानियों से बचने के लिए नवरात्रि के किसी भी दिन पीपल के पत्तों का उपाय करें। इसके तहत 11 पत्ते लें। उन पर राम नाम लिखें अब पत्तों की माला बनाकर हनुमानजी को पहना दें। इससे सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाएंगी।

6.दुर्गा जी की पूजा हमेाशा लाल रंग के कम्बल के आसन पर बैठकर करें। इससे आपको पूजन का दोगुना फल मिलेगा।

7.धन प्राप्ति के लिए पान में गुलाब की 7 पंखुरियां रखकर तथा मां दुर्गा को अर्पित करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

8.अष्टमी और नवमी तिथि को देवी दुर्गा को इत्र और शहद चढ़ाएं। इससे माता जल्दी प्रसन्न होती हैं।

9.नवरात्रि के दिनों में श्रीसूक्त का पाठ करना भी अच्छा रहता है। इससे घर का वातावरण सकारात्मक बनता है।

10.नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या भोज के साथ व्रत का पारण करें। ऐसा करने से पूजन पूर्ण माना जाता है।