मशीन से काटने से लेकर उबलते तेल में डालने तक, दुनिया की 10 सबसे क्रूर सजाएं

|

Published: 24 Oct 2020, 12:26 PM IST

हर देश में अपराधियों को सजा देने के लिए अलग अलग नियम बनाए गए है। सभी जगह अपराधि के गुनाह के अनुसार उसको सजा देने का प्रावधान है। चोरी, हत्या और बलात्कार के लिए हर देश के लिए अलग कानून बनाए है।

हर देश में अपराधियों को सजा देने के लिए अलग अलग नियम बनाए गए है। सभी जगह अपराधि के गुनाह के अनुसार उसको सजा देने का प्रावधान है। चोरी, हत्या और बलात्कार के लिए हर देश के लिए अलग कानून बनाए है। हाल ही में हत्या और अपहरण के मामले में अमेरिका में एक महिला को मौत की सजा सुनाई है। अमेरिका में 70 साल बाद कोर्ट ने किसी को सजा—ए—मौत मिलने वाली है। हालांकि, अमेरिकी अदालत ने भले ही 70 साल बाद किसी को मौत की सजा दी है। लेकिन दुनिया के अलग-अलग देशों में इस तरह की क्रूर सजा देने का एक लंबा इतिहास है। आज आपको दुनिया के 10 ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे है जहां पर अपराधी को खौफनाक सजा दी जाती है।

फायरिंग दस्ते (सोमालिया, गिनी, ईरान, नॉर्थ कोरिया, सऊदी अरब)
सजाः अपराध के मामले में गोली मारकर सामुहिक हत्या
सोमालिया, गिनी, ईरान सऊदी अरब और नॉर्थ कोरिया में में आज भी अपराधियों को फायरिंग दस्ते से सजा दी जाती है। इसके अलावा चीन में भी इस तरह से अपराधियों को सजा दी जाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2012 में 682 तो साल 2013 में 778 लोगों को सरेआम फायरिंग दस्ते से उड़वा दिया था।

उबालना (इंग्लैंड)
सजाः उबलते पानी, तेल में डालना
इंग्लैंड में अपराधी को खाने में जहर मिलाने की सजा का प्रावधान है। 1500 में आठवें हेनरी के कार्यकाल में खाने में जहर मिलाने पर आरोपी को पहली बार ऐसी सजा दी गई थी। वहीं, 1531 में रोचेस्टर के बिशप के खाने में कुक रिचर्ड रोजे ने जहर मिला दिया था। फिर 1542 में मार्गरेट डेवी नाम की नौकरानी को मालकिन के खाने में जहर मिलाने के कारण सजा के तौर पर खौलते पानी में उबाला गया था। हालांकि ये कानून 1547 में रद्द कर दिया गया था।


सिर काटना (इंग्लैंड, सऊदी अरब)
सजाः अपराधी का सिर कलम करना
इंग्लैंड में 13वीं शताब्दी में देशद्रोह के लिए भयानक सजा का प्रावधान किया गया था। इसके तहत अपराधियों को फांसी देने के बाद उनका सिर कलम किया जाता था। इतना ही नहीं उसकी आंखें निकाल ली जाती थीं और सार्वजनिक रुप से प्रदर्शन किया जाता था। वहीं सऊदी अरब में इस तरह की सजा को कानूनी तौर पर मान्यता मिली हुई है। खबरों के अनुसार, साल 2019 को सऊदी अरब में अलग-अलग अपराध के मामले में 184 लोगों के सिर कलम कर दिए गए थे।

 

यह भी पढ़े :— कोरोना ने छीन ली नौकरी, स्कूटी पर ही खोल लिया ढाबा, दोस्त की भी की मदद

अपराधी को जलाना (इंग्लैंड, मोरक्को, अफ्रीकी देश)
सजाः जिंदा जला देना
ऐसा कहा जाता है कि मध्यकाल में पुरुषों और महिलाओं को राजद्रोह करने पर जला दिया जाता था। अंग्रेजों द्वारा 1431 में कई जानी-मानी हस्तियों को ये सजा दी गई थी। वहीं 1600 में इतालवी वैज्ञानिक और दार्शनिक जिओरडनो ब्रूनो को भी जिंदा जला दिया गया था। इसके अलावा कई देशों में जादू-टोना करने के आरोप में भी लोगों को ऐसी सजा दी जाती है।

यह भी पढ़े :— नन्हा स्पाइडर मैन: बिना किसी सहारे चढ़ता है दीवारों पर, देखें वीडियो


गर्दन से लटकाना (इंग्लैंड)
सजाः राजद्रोह करने पर लटकाना
इंग्लैड में सजा के तौर पर अपराधी को घोड़ों से घसीटा जाता था और उसके मरने के पहले ही उसका गर्दन काट दिया जाता। इसके बाद शरीर के टुकड़ों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता था, ताकि आगे कोई भी इस तरह का अपराध न करें। इस तरह की सजा का प्रावधान 1241 में शुरू हुआ था।


मल्टीलेशन पत्थर मारना (इंग्लैंड, नार्थ अमेरिका)
सजाः शरीर के अंगों को काटना
इस सजा में अपराधी के शरीर के अंगों को काट दिया जाता था। 17 वीं सदी में इंग्लैंड में नाक, कान, होंठ सजा के तौर पर काट दिए जाते थे। वहीं 1800 में उत्तरी अमेरिका में जानवरों की चोरी अपराधियों के कान काट दिए जाते थे। इस्लामिक देशों में चोरी पर हाथ काटने का प्रावधान भी है।

इलेक्ट्रीक चेयर पत्थर मारना (संयुक्त राज्य अमेरिका)
सजाः करंट से मार डालना
करंट से मार डालने की सजा 1888 में संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरू की गई। 1890 में विलियम कैम्लर की हत्या करने के लिए ये सजा दी गई थी। कुर्सी पर बैठने पर 18 सेकंड तक बिजली का झटका दिया जाता है और दूसरा झटका 70 सेकंड का होता है। इस सजा का उपयोग कई अमेरिकी राज्यों में किया गया। 1990 में इस तरह की सजा की बहुत आलोचना हुई।

गिलोटिन मशीन से मौत (फ्रांस)
सजाः मशीन से कटवाना
ऐसा कहा जाता है कि गिलोटिन मशीन से मौत की सजा 1789 में फ्रांसीसी क्रांति के दौरान शुरू की गई। 1792 में स्वेप्ट पेरिस की तानाशाही के दौरान हजारों लोगों को ये सजा दी गई थी। इस किलिंग मशीन का नाम डॉ. गिलोटिन, जो नेशनल असेम्बली में विधायक थे, के नाम पर रखा गया। कई नामी लोगों को गिलोटिन मशीन से कटवा दिया गया था।


क्रुसिफिकेशन (रोम)
सजाः सूली पर लटकाना
ऐसा कहा जाता है कि 71 ईसा पूर्व में रोमन साम्राज्य के खिलाफ आवाज उठाने पर 6000 लोगों को सूली पर लटका दिया गया था। इसी तरह की सजा 2013 सऊदी अरब में भी दी गई थी।


पत्थर मारना (उत्तरी अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब)
सजाः मारे जाते हैं पत्थर
प्राचीन प्रथा अनुसार आज भी कई देशों में अपराध करने पर पत्थरों से मारा जाता है। विशेषतौर पर उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में। साल 2019 में गे सेक्स के मामले ऐसी सजा दी गई थी। इंडोनेशिया, सोमालिया, सूडान, नाइजीरिया, इराक, पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों में इस तरह से अपराधियों को सजा देने का प्रावधान है।