दुनियाभर में मशहूर देश के ये जल कुण्ड, इनके गर्म पानी में नहाने से दूर होते हैं कई रोग

|

Published: 06 Oct 2020, 09:43 PM IST

अपने कई चत्मकारी कुण्ड और झरने के बारे में पढ़ा और सुना होगा। इनमें से कई ऐसे भी है जिसमें विशेष औषधीय गुण पाए जाते है। आज आपको ऐसे कुण्ड के बारे में बताने जा रहे है जिनके गर्म पानी से नहाने कई प्रकार की बीमारियां ठीक हो जाती है।

अपने कई चत्मकारी कुण्ड और झरने के बारे में पढ़ा और सुना होगा। इनमें से कई ऐसे भी है जिसमें विशेष औषधीय गुण पाए जाते है। आज आपको ऐसे कुण्ड के बारे में बताने जा रहे है जिनके गर्म पानी से नहाने कई प्रकार की बीमारियां ठीक हो जाती है। इनमें कई धार्मिक तीर्थस्थल पर है। जिसका महत्त्व ओर बढ़ जाता है। यहां पर कई हमेशा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती है।
आइए जानते है इन कुण्डों के बारे में.....


राजगीर, बिहार
बिहार की राजधानी पटना के पास राजगीर जल कुण्ड को देश के पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। प्राचीन कथाओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र राजा बसु ने राजगीर के ब्रह्मकुंड परिसर में एक यज्ञ का आयोजन कराया था। इसी दौरान आए सभी देवी-देवताओं को एक ही कुंड में स्नान करने में परेशानी होने लगी। तभी ब्रह्मा ने यहां 22 कुंड और 52 जलधाराओं का निर्माण कराया था। वैभारगिरी पर्वत की सीढिय़ों पर मंदिरों के बीच गर्म जल के कई झरने हैं, जहां सप्तकर्णी गुफाओं से जल आता है। ऐसा माना जाता है कि यहां के गर्म जल से कई प्रकार के रोग दूर होते है।


यह भी पढ़े :— Poonam Pandey Controversies : बाथरूम वीडियो लीक से लेकर पति को गिरफ्तार कराने तक पूनम पांडे के 10 चर्चित विवाद


बकरेश्वर,पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल के बकरेश्वर भी प्रसिद्ध तीर्थ स्थल में से है। यहां गर्म पानी के 10 कुंड स्थित है। जिसमे सबसे गर्म कुण्ड , अग्नि कुण्ड है। इसके अलावा यहाँ पर भैरव, खीर, नृसिंह, सूर्या, सौभाग्य कुण्ड, पापहरा कुण्ड आदि अन्य कुण्ड है। यहां देश के कोने-कोने से लोग पवित्र कुंडों में स्नान के लिए आते हैं। इन कुंडों में स्नान से कई रोग दूर हो जाते हैं।

मणिकरण, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में कुल्लू से 45 किलोमीटर दूर मणिकरण खासतौर पर गर्म पानी के चश्मों के लिए जाना जाता है। यहां के जल में अधिक मात्रा में सल्फर, यूरेनियम व अन्य रेडियोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं। इस पानी का तापमान बहुत अधिक है। यह स्थान हिंदू व सिखों के लिए आस्था का केंद्र है। माना जाता है कि सिखों के पहले गुरु नानक देव अपने साथी मर्दाना के साथ यहां आए थे। यहां आने वाले लोगों को गर्म पानी चश्मों से पानी लेकर दाल-चावल बनाते देखा जा सकता है।

यह भी पढ़े :— लड़की ने साड़ी पहनकर किया बिंदास डांस, वीडियो देख लोग कर रहे जमकर तारीफ

अत्रि, ओडिशा
ओडिशा का अत्रि के सल्फर युक्त गर्म पानी के कुण्डों के लिए प्रसिद्ध है। यह जल कुण्ड भुबनेश्वर से 42 किमी दूर स्थित है। इस कुण्ड के पानी का तापमान 55 डिग्री है। कुंड में स्नान करने से बहुत ताजगी महसूस होती है और थकान दूर हो जाती है।

यूमेसमडोंग, सिक्किम
सिक्किम के यूमेसमडोंग सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है। यह कुण्ड 15,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यूमेसमडोंग में 14 सल्फर के जल से युक्त कण्ड हैं। जिनका तापमान लगभग 50 डिग्री रहता है। इनमे सबसे प्रसिद्ध बोरोंग और रालोंग है।


पनामिक, लद्दाख
लद्दाख के पनमिक जल कुण्ड भी काफी मशहूर है। नुब्रा वैली का मतलब है फूलों की घाटी। यह वैली सियाचिन ग्लैशियर से 9 किमी की दूरी पर स्थित है। यह स्थान गर्म पानी के कुंड के लिए भी जाना जाता है। यहां का पानी बहुत अधिक गर्म होता है। पानी से बुलबुले निकलते दिखाई देते हैं।

यह भी पढ़े :— मातम के बीच महफिल! यहां शमशान घाट पर जलती चिताओं पास पूरी रात नाचती है सेक्स वर्कर

तुलसी श्याम कुण्ड, गुजरात
गुजरात के जूनागढ़ से 65 किलो मीटर दूर तुलसी श्याम कुण्ड में गर्म पानी के तीन कुण्ड है। इनकी खासियत यह है की तीनो में अलग-अलग तापमान का पानी रहता है। तुलसी श्याम कुण्ड के पास ही 700 साल पुराना रुकमणि देवी का मंदिर है। इसके अलावा गुजरात में ही टुवा टिम्बा में भी गर्म पानी के कुण्ड है।

झारखंड के 60 गर्म पानी के कुण्ड
देश के गर्म पानी के स्त्रोतो में झारखण्ड सबसे आगे रहा है। यहां पर 60 हॉट वाटर स्प्रिंग्स है। जिनमे से कुछ प्रमुख है ततलोई, थराई पाणी, नुम्बिल, तपत पाणी, सुसुम पानी, रानेश्वर, चरक खुर्द, सिदपुर और सूरज कुंड आदि।