टैक्स बचाने के 10 बेहतरीन तरीके, ITR भरने से पहले जानना है जरूरी

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Published: 19 Oct 2020, 08:09 PM IST

वित्तीय वर्ष 2019-20 की आखिरी तिमाही शुरू हो चुकी है। इनकम टैक्स कानून 1961 के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो उसे इस अतिरिक्त आय पर आय कर चुकाना पड़ेगा। हर साल आप अपना आयकर रिटर्न भरते हैं। इस दौरान टैक्स बचाने की कोशिश भी करते होंगे, टैक्‍स बचाना भला कौन नहीं चाहेगा।

वित्तीय वर्ष 2019-20 की आखिरी तिमाही शुरू हो चुकी है। इनकम टैक्स कानून 1961 के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो उसे इस अतिरिक्त आय पर आय कर चुकाना पड़ेगा। हर साल आप अपना आयकर रिटर्न भरते हैं। इस दौरान टैक्स बचाने की कोशिश भी करते होंगे, टैक्‍स बचाना भला कौन नहीं चाहेगा। आप भी अलग-अलग तरीकों से टैक्स बचाने का प्रयास करते होंगे। आपको अपने वो सभी दस्तावेज जैसे बचत, पीपीएफ, बीमा, राष्ट्रीय बचत पत्र, ट्यूशन फीस, मकान के किराए की रसीदें आदि जुटाने शुरू कर दिए होंगे। इनकम टैक्स (Income Tax ) कानून के सेक्शन 80C के तहत आने वाले निवेश विकल्पों में 1.5 लाख रुपये से अधिक का भी निवेश कर सकते हैं। आइए, टैक्स बचत के लिए कुछ लोकप्रिय निवेश उत्पादों के बारे में बात करते हैं।


जीवन बीमा/मनी बैक योजना
जीवन बीमा या मनी बैक के प्रीमियम पर इनकम टैक्स में छूट मिलता है। जीवन बीमा में ULIP और ट्रेडिशनल प्लान दोनों आते हैं। 80C के तहत टैक्स छूट के लिए कम से कम 2 साल के लिए प्रीमियम भरना जरूरी है और सालाना प्रीमियम सम-एश्योर्ड के 10 प्रतिशत से ज्यादा ना हो।

 

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सुकन्या समृद्धि योजना
इस सरकारी योजना का लाभ उठाकर इनकम टैक्स में छूट पा सकते हैं। इसके तहत निवेश करने करने के लिए बेटी के नाम से खाता खुलवाएं इसके लिए जरूरी है कि बेटी की उम्र 10 साल से कम हो। खाते की परिपक्वता बेटी के 21 साल के होने पर होती है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड
छोटी बचत योजनाओं में से एक पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक लोकप्रिय स्कीम है। टैक्स में छूट पाने का ये सबसे बेहतर तरीका है। आप पीपीएफ में जो भी रकम जमा करते हैं, उस पर सेक्शन 80C के तहत छूट मिलती है। पीपीएफ अकाउंट का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल का होता है।

नेशनल पेंशन स्कीम
प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए नेशनल पेंशन स्कीम टैक्स बचाने का सबसे बेहतर विकल्प है। इस स्कीम में निवेश करके रिटायरमेंट के बाद पेंशन पा सकते हैं। इस स्कीम में 50 हजार रुपये निवेश करके टैक्स छूट का फायदा उठाया जा सकता है। ये 80 सी के लिमिट के अलावा है।

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कम से कम 5 साल की बैंक FD
टैक्स बचाने के लिए FD भी एक लोकप्रिय निवेश है। इसके तहत कम से कम 5 साल की एफडी पर आपको टैक्स में छूट मिलती है। हालांकि FD पर मिले ब्याज पर टैक्स लगता है।

पोस्ट ऑफिस में पांच साल की जमा
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह आप पोस्ट ऑफिस में भी 5 साल के लिए रकम जमा करके टैक्स में छूट का लाभ ले सकते हैं। ध्यान रहे, बीच में रकम निकाली तो टैक्स का लाभ नहीं मिलेगा।

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होम लोन
IT एक्ट के सेक्शन 24(b) के तहत घर खरीदने, बनाने, रेनोवोट/रिपेयर करने के लोन पर टैक्स में छूट मिलता है। इतना ही नहीं लोन के ब्याज पर टैक्स में छूट मिलती है। इसका फायदा रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों तरह की प्रॉपर्टीज पर मिलता है। इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्जेस पर भी छूट का लाभ ले सकते हैं। होम लोन की प्रिंसिपसल अमाउंट पर भी टैक्स में छूट मिलती है।

एजुकेशन लोन
अगर आपने बैंक और चैरिटेबल ट्रस्ट से लिया है एजुकेशन लोन लिया है और जिस साल में लोन भरना शुरू करेंगे तब से 8 साल तक आपके ब्याज पर छूट मिलेगी। टैक्स में छूट का फायदा भुगतान के आधार पर मिलता है। अगर कई सालों का ब्याज 1 साल में ही भरा है तो उसी साल में टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।

बच्चों की ट्यूशन फीस
इनकम टैक्स में छूट का फायदा आपके दो बच्चों के स्कूल/कॉलेज की ट्यूशन फीस पर मिलता है। इसके तहत निजी ट्यूशन, कोचिंग, पार्ट-टाइम कोर्स पर छूट नहीं मिलती।

कर्मचारी भविष्य निधि
ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी हर महीने EPF में अपनी कमाई का 12 प्रतिशत हिस्सा निवेश करते हैं। 80C के तहत इस पर सालाना 1.5 लाख तक की छूट मिलती है।

नेशनल पेंशन सिस्टम
ये एक वॉलिंटियरी रिटायरमेंट स्कीम है। इसमें निवेश करके आप रिटायरेंट के लिए पैसा इकट्ठा कर सकते हैं और रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन ले सकते है। इसमें आप टैक्स के रूप में 2 लाख रुपये तक बचा सकते हैं। 80C के तहत आप 1.5 लाख रुपये तक टैक्स बचा सकते हैं।