मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिव पहुंचे पाटन, अधिकारियों की लगाई क्लास, धान खरीदी की समीक्षा की

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Published: 20 Jan 2021, 04:23 PM IST

मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने पाटन ब्लाक मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में धान खरीदी सहित विभागवार कार्यों की समीक्षा की।

दुर्ग. मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने पाटन ब्लाक मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में धान खरीदी सहित विभागवार कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पाटन के इंग्लिश मीडियम स्कूल, आईटीआई, धान खरीदी केंद्र सिकोला व झीठ का अवलोकन भी किया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक, एसडीएम विनय पोयाम, जनपद सीईओ मनीष साहू मौजूद थे। बैठक में सचिव ने धान खरीदी की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि इस साल 3.62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हो चुकी है। पिछले साल 15 फरवरी तक यह खरीदी हुई थी। इस बार 95 हजार 197 किसानों ने धान खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 83 हजार किसानों ने अब तक अपना धान बेच दिया है। सचिव ने कहा कि अभी तक बहुत अच्छा काम धान खरीदी को लेकर हुआ है। अब अंतिम चरण है इसलिए पुख्ता तैयारी रखें। धान खरीदी केंद्रों में किसानों ने बताया कि अच्छी व्यवस्था शासन ने की है। किसी तरह की दिक्कत नहीं आई। सचिव ने समिति प्रबंधकों से धान की गुणवत्ता, बारदानों की उपलब्धता, उठाव आदि विषयों के बारे में जानकारी ली।

गोधन न्याय के एक करोड़ बारह लाख भुगतान
बैठक में सचिव ने पाटन ब्लाक में गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि यहां हितग्राहियों को एक करोड़ बारह लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। लगभग चौदह सौ वर्मी टैंक तैयार किए गए हैं और 602 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट इनके माध्यम से तैयार हुआ है। सचिव ने कहा कि गौठानों को ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करना है।

देखा आईटीआई और इंग्लिश मीडियम स्कूल
परदेसी पाटन के आईटीआई भी पहुंचे। वहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल और फीटर ट्रेड के छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने यहां प्रबंधन से प्लेसमेंट की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय में रिक्त पदों के बारे में भी पूछा और कहा कि जल्द ही इनमें नियुक्तियाां होंगी। वे पाटन स्थित इंग्लिश मीडियम स्कूल भी पहुंचे और यहाँ निर्माणाधीन कार्य देखा।

गजरा नाले का होगा जीर्णोद्धार
सचिव ने नरवा योजना की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए ग्रामीणों से फीडबैक जरूर प्राप्त करें क्योंकि वे परंपरागत रूप से नाले की शाखाओं के बारे में परिचित रहते हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी नौ नालों पर काम चल रहा है। सिल्ट हटा दी गई है। गजरा नाला जहां 20 साल पहले वाटर रिचार्जिंग को लेकर अहम कार्य हुआ था। उसे भी दुरुस्त किया जाएगा।

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