क्या है फिजियोथेरेपी, जानें इसके बारे में

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Published: 31 Jul 2018, 05:26 AM IST

दर्द से छुटकारा पाने के लिए दवा लेना ही काफी नहीं होता। इसके अलावा भी कई थेरेपियां हैं जो बिना दवा के भी आपको दर्द से मुक्ति दिला सकती हैं।

दर्द से छुटकारा पाने के लिए दवा लेना ही काफी नहीं होता। इसके अलावा भी कई थेरेपियां हैं जो बिना दवा के भी आपको दर्द से मुक्ति दिला सकती हैं। फिजियोथेरेपी ऐसी ही एक थेरेपी है। फिजियोथेरेपी को फिजिक्स ट्रीटमेंट भी कहते हैं। यह मेडिकल साइंस की ही एक शाखा है। इसमें उपचार की एक अलग पद्धति होती है, जिसमें एक्सरसाइज, हाथों की कसरत, पेन रिलीफ मूवमेंट के द्वारा दर्द को दूर किया जाता है। इस थेरेपी का उद्देश्य रोग के कारण को जानकर उस रोग से रोगी को मुक्त करना होता है।

इन स्वास्थ्य समस्याओं में है कारगर
आमतौर पर लोग यही सोचते हैं कि फिजियथेरेपी खिलाडिय़ों के लिए होती है लेकिन सच यह है कि इस थेरेपी का लाभ कोई भी उठा सकता है। जोड़ों और हड्डियों के साथ-साथ हृदय और मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखती है फिजियोथेरेपी।
सर्वाइकल स्पॉनडिलाइटिस।
लम्बर स्पॉनडिलाइटिस।
प्रोलैपस्ड इनवर्टिब्रल ***** -डिस्क कोलैप्स।
सर्वाइकल नेक पेन।
पेरिआर्थराइटिस ऑफ शेल्डर ज्वाइंट -फ्रोजन शेल्डर।
ऑस्टियो आर्थराइटिस ऑफ नी ज्वाइंट -गठिया।
बेल्स पॉल्सी-चेहरे का लकवा।
कार्डियोपल्मोनरी समस्याएं।
दर्द दूर करने में विशेषकर गर्दन और कमर दर्द।

फिजियोथेरेपी से लाभ
शारीरिक समस्याओं को नियंत्रित करने और उन्हें रोकने में फिजियोथेरेपी के उपयोग के कई लाभ हैं, जैसे-
दर्द बिल्कुल कम या समाप्त हो जाता है।
मांसपेशियों का लचीलापन और शक्ति पुन: स्थापित हो जाती है।
जोड़ों का लचीलापन बढ़ता है और उनकी गति सामान्य हो जाती है।
शरीर की ऊर्जा और सहनशीलता भी बढ़ती है।
मानसिक शांति बढ़ाने में, शारीरिक सक्रियता और दर्द से राहत देने में यह थेरेपी कारगर होती है।
मांसपेशियों का संतुलन और समन्वय बढ़ता है।
शारीरिक सक्रियता बढ़ जाती है।

फिजियोथेरेपी की प्रक्रिया
फिजियोथेरेपी में कुछ खास मूवमेंट्स के द्वारा उपचार किया जाता है। फिजियोथेरेपी में उपयोग होने वाले सभी व्यायाम आसान होते हैं और इनका चुनाव रोगी की स्थिति और उम्र को देखकर किया जाता है।

एक्टिव मूवमेंट
यह ट्रीटमेंट उन रोगियों के लिए होता है, जो एक्सरसाइज करने में सक्षम होते हैं। ऐसे रोगियों के शरीर की अकडऩ को दूर करने और मांसपेशियों की शक्ति को पुन: लाने के लिए हल्के-फुल्के व्यायाम का उपयोग किया जाता है। कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज और डिवाइस से फेफडों की क्षमता को बढ़ाकर फेफड़ों से संबंधित रोगों में भी इसका उपयोग किया जाता है। गर्भधारण में समस्या होना, मां बनने के बाद और कई अन्य समस्याओं में भी यह उपयोगी होती है।

पैसिव मूवमेंट
शरीर में आए कड़ेपन को गर्मी देकर हिलाया-डुलाया जाता है, जिससे शरीर की मांसपेशियों का कड़ापन कम होता हैै।

कन्टीन्यूअस पैसिव...
इसमें कई प्रकार से हीट के द्वारा रोगी का उपचार किया जाता है। मशीनों का उपयोग करके उपचार किया जाता है। फिजियोथेरेपी में हॉट पैक, आइस पैक और हाइड्रोथेरेपी भी सम्मिलित होती है।