नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही बैंकों में 2 हजार और 5 सौ के नोटों की किल्लत हुई शुरू

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Published: 14 Dec 2019, 02:58 PM IST

नगरीय निकाय चुनाव शुरू होते ही जिले के अधिकांश बैंकों में दो हजार और पांच सौ के नोटों की किल्लत शुरू हो गई है।

धमतरी. नगरीय निकाय चुनाव शुरू होते ही जिले के अधिकांश बैंकों में दो हजार और पांच सौ के नोटों की किल्लत शुरू हो गई है। डिमांड के अनुसार आरबीआई से नोटों की सप्लाई नहीं होने से बैंक प्रबंधनों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को छोटे नोटों से ही काम चलाना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि 21 दिसंबर को नगर निगम धमतरी समेत पांच अन्य नगरीय निकायों में मतदान होना है। इसमें होने वाले खर्च के लिए प्रत्याशियों ने पहले से ही बैंकों से मोटी रकम निकाल लिया है। 2 हजार और 5 सौ के नोट एक जगह जमा होने से यह वापस बैंकों में वापस नहीं आ रहा है। ऐसे में शहर के अधिकांश बैंक प्रबंधनों ने आरबीआई को करीब ५ करोड़ की डिमांड भेजा है। इसके बाद भी पर्याप्त संख्या में नोटों की सप्लाई नहीं हो रही है।

ऐसे में बैंक प्रबंधकों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के राष्ट्रीय बैंक के अधिकारी का कहना है कि 2 हजार और 5 सौ के करेंसी की पहले से ही किल्लत बनी हुई है। जुलाई माह में पर्याप्त संख्या में नोटों की सप्लाई की गई थी, जिसे लेन-देन के दौरान उपभोक्ताओं को दिया गया था, लेकिन उनके वापस नोट वापस बैंक में नहीं आए हैं। यही वजह है कि अब बैंक प्रबंधनों को भी लेन-देन करने में परेशानी हो रही है। एक जानकारी के अनुसार जिले में 27 राष्ट्रीयकृत बैंक समेत विभिन्न बैंकों के 99 शाखाएं संचालित हो रही है। यहां 10 लाख से अधिक खाताधारी है।

हो रही है परेशानी
सूत्रों की मानें तो जिले में संचालित राष्ट्रीय बैंकों को हर सप्ताह करेंसी चेस्ट को एटीएम में जरूरत के मुताबिक राशि फीड करने के लिए 2 हजार और 5 सौ रूपए की जरूरत पड़ती है। जबकि छोटो नोटों की संख्या कम होती है, लेकिन आरबीआई से इन नोटों की सप्लाई नहीं होने से बैंक प्रबंधनों को मशक्कत करना पड़ रहा है। ऐसे में एटीएम से भी बड़े नोट गायब हो गए हैं।

यह है कारण
नगर निगम धमतरी समेत पांचों नगर पंचायतों में चुनाव होना है। यहां करीब 115 पार्षद पद के लिए 376 प्रत्याशी मैदान हैं, जिन्हें अब चुनाव प्रचार करने समेत अन्य खर्चों के लिए रूपए की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में उन्होंने बैंकों से राशि निकाल लिया है। इसके अलावा कुछ व्यापारी भी समर्थन कर उन्हें आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। यही वजह है कि 2 हजार और पांच सौ रूपए के नोटों एक जगह जाम हो गया है।