#MeToo मुहिम ला रही रंग, अब क्रिकेट में पहली बार होने जा रहा यह बड़ा बदलाव

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Updated: 17 Oct 2018, 09:39 PM IST

#MeToo के बढ़ते मामलों को देखते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल महिला क्रिकेटरों की सुरक्षा पर नया कानून बनाने की योजना पर काम कर रहा है।

नई दिल्ली। दुनियाभर में महिला शोषण के खिलाफ चल रहे मीटू अभियान का असर दिखना शुरू हो गया है। भारत में इस कैंपेन के तहत आरोपित केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर को इस्तीफा देना पड़ा है। साथ ही बॉलीवुड के कई आरोपित सितारों को काम मिलना कम होने लगा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी को भी छुट्टी पर भेज दिया गया है। अन्य मामलों में भी प्रगति देखी जा रही है। इसी बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट को संचालित करने वाली संस्था इंटनरेशनल क्रिकेट कांउसिल (आईसीसी) ने महिला सुरक्षा पर नई पॉलिसी बनाने का फैसला लिया है।

टी-20 वर्ल्ड कप से पहले होगा लागू-
मी टू अभियान के मद्देनजर आईसीसी ने क्रिकेट में महिला शोषण के खिलाफ सख्ती से कदम उठाते हुये आगामी महिला विश्वकप टी 20 से पूर्व 'महिला सुरक्षा एवं दिशानिर्देश' पॉलिसी बनाने का फैसला किया है। दुनियाभर में मी टू अभियान के बाद कई क्रिकेटरों और अधिकारियों पर भी यौन उत्पीडऩ के आरोप लगे हैं। ऐसे में आईसीसी ने इस मामले को सख्ती से लिया है।

सिंगापुर मीटिंग में होगी बात-
वहीं वैश्विक संस्था वेस्टइंडीज में नौ नवंबर से शुरू होने वाले महिला विश्वकप को ध्यान में रखते हुये महिला उत्पीडऩ के खिलाफ इस पॉलिसी को लागू करना चाहती है। आईसीसी सिंगापुर में बुधवार से शुरू होने जा रही अपनी बैठक में इस पॉलिसी पर चर्चा करेगा। वैश्विक संस्था ने पिछले 18 महीनों में आईसीसी के टूर्नामेंटों, अंतरराष्ट्रीय मैचों और विश्व क्रिकेट में कथित यौन उत्पीडऩ और गलत तरीके से छूने आदि के लगातार बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर यह नियम जल्द लागू करने का फैसला किया है।

क्रिकेट में इन पर आरोप-
गौरतलब है कि हाल ही में मी टू अभियान के तहत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) के मुख्य कार्यकारी राहुल जौहरी पर एक अनजान महिला ने यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया है। जबकि श्रीलंकाई क्रिकेट लसिथ मलिंगा और अर्जुन रणतुंगा पर भी महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। अब देखना है कि आईसीसी महिला सुरक्षा के संबंध में कितना कारगर नियम बना पाती है।

 

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