बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच इन आसान तरीकों से बढ़ाएं कार का माइलेज

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Updated: 12 Mar 2021, 11:38 PM IST

  • बढ़ते पेट्रोल के दामों के बीच कारों का माइलेज बढ़ाना है चुनौती।
  • फ्यूल माइलेज अधिकतम रखना हमेशा एक चिंता का विषय होता है।
  • यहां दिए गए आसान तरीके अपनाकर आप भी कम खर्च में चलाएं कार।

नई दिल्ली। यह आमतौर पर सभी को पता है कि पेट्रोल कारें, डीजल वाहनों की तुलना में ईंधन की ज्यादा खपत करती हैं या फिर सीधे शब्दों में कहें तो पेट्रोल कारों का माइलेज कम होता है। शुरुआती खरीद लागत कम होने के बावजूद एक पेट्रोल कार वक्त के साथ रनिंग कॉस्ट के कारण डीजल कार की तुलना में अधिक खर्च करवाती है। वाहन चालकों के लिए एक बुरी खबर भी है कि एक पेट्रोल इंजन का रीयल-लाइफ फ्यूल माइलेज कार निर्माता द्वारा प्रदान किए गए एआरएआई के लाभ के शायद ही बराबर हो। वैसे पेट्रोल कार यूजर्स के लिए फ्यूल माइलेज हमेशा एक बड़ी चिंता रही है ऐसे में हम आपको पेट्रोल कार के माइलेज को बेहतर बनाने के बारे में हर जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

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इन टिप्स को बेहतर ढंग से जानने से पहले कंपनी द्वारा दावा की गई फ्यूल एफीसिएंसी रेटिंग और कार के रीयल-लाइफ माइलेज के बीच भारी अंतर का कारण जानना जरूरी है। दरअसल, पेट्रोल इंजन के नेचर में आता है जो आमतौर पर डीजल इंजन की तुलना में हाई टॉर्क रेंज में अपनी अधिकतम पावर तक पहुंच जाती है। पेट्रोल कार चलाते समय चालक कार को हाई टॉर्क बैंड पर घुमाता है, जो यह बताता है कि पेट्रोल कारें आमतौर पर अधिक ईंधन की खपत क्यों करती हैं। यही बात आपकी कार के फ्यूल माइलेज को अधिकतम करने के लिए जरूरी बात को भी पेश करती है।

ज्यादा जोर से एक्सीलरेटर को ना दबाएं

पेट्रोल इंजन वाली कारें तेज होती हैं और इसके लिए इनमें तेजी से रफ्तार पकड़ने और तेज एक्सीलरेशन की क्षमता होती है। डीजल इंजन की तुलना में पेट्रोल इंजन जल्दी से काम कर सकते हैं और अपनी अधिकतम ताकत हासिल करने में कम समय ले सकते हैं। पेट्रोल इंजन का सरल और सहज स्वभाव ड्राइवर के लिए पॉवर को नियंत्रित करना कठिन बना देता है। इसका बेहद आसान तरीका यह है कि सहज बनें और चीजों को आसानी से लें ताकि आप उस कार को एक उपयुक्त सीमा पर रख सकें। अगर जरूरी ना हो तो एक्सीलरेटर को दबाने की पूरी कोशिश ना करें।

सबसे सटीक टॉर्क रेंज चुनें

हर किसी का मानना है कि अधिकतम फ्यूल इकोनॉमी यानी माइलेज पीक टॉर्क पर मिलता है। हालांकि, यह तभी सही है जब आप क्रूज़िंग स्पीड से गाड़ी चला रहे हों। उदाहरण के लिए, भले ही एक कार लगभग 4000 आरपीएम पर अपने पीक टॉर्क को विकसित कर ले, यह आपको लगभग 2000 आरपीएम पर आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त ताकत देगी। पीक टॉर्क पर पहुंचने के बजाय, आपको अपनी कार को 2000 आरपीएम के आसपास पर रखना चाहिए, जो प्रभावी रूप से आपका ईंधन बचाएगी।

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ब्रेक लगाते वक्त बरतें सावधानी

फ्यूल माइलेज को अधिकतम रखने के लिए ब्रेक लगाना भी एक महत्वपूर्ण बात है। जब भी आपकी कार स्टॉप होने वाली यानी रुकने वाली है, तो तेजी से ब्रेक लगाना ठीक नहीं है। इसके अलावा एक गियर नीचे आकर और इंजन के रुकने तक का इंतजार करना भी फ्यूल-एफिसिएंट नहीं है। इसके बजाय, अपने स्टॉप को को कुछ पहले मान लें और एक्सीलरेटर को छोड़ने की कोशिश करें। ऐसा करने से, इंजन ब्रेकिंग और फ्यूल ओवररन कट फंक्शन (अधिकांश आधुनिक आईसीई कार में मौजूद) एक्टिव हो जाएगा, जिससे ईंधन की अधिक बचत होगी और फ्यूल माइलेज में सुधार होगा।

लंबे समय तक खड़े हैं तो इंजन बंद करें

टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन और पेट्रोल यूनिट के बीच एक अंतर यह है कि वे खड़े होने की स्थिति में कैसा बर्ताव करती हैं। टर्बो डीजल कार के लिए, इंजन को धीमा होने में समय लगेगा। दूसरी ओर खड़ी होने की स्थिति में आने पर नॉन-टर्बो पेट्रोल इंजन आसानी से बंद हो सकता है। अगर आपको एक मिनट से ज्यादा रुकना है, तो इंजन को बंद करना सबसे अच्छा है। हालांकि, अगर एक मिनट से कम रुकना है, तो आपको ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इंजन को शुरू करने के लिए जितनी ऊर्जा लगती है उससे अधिक ईंधन की खपत होगी।

एयर कंडीशन का स्मार्ट ढंग से इस्तेमाल करें

एयर कंडीशन के चलने से भी ईंधन की काफी खपत होती है। प्रभावी ढंग से एयर कंडीशन का इस्तेमाल करना कार की ईंधन दक्षता को बढ़ा सकता है। एक तरीका तो यह है कि जब आपको स्टॉप से स्टार्ट करना है यानी गाड़ी बंद से शुरू करनी है तो एसी कंप्रेसर को बंद करें। यह इंजन पर लोड को कम करने में मदद करेगा, इसलिए ऊर्जा की बचत और बेहतर फ्यूल एफिसिएंसी देगा।

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कुछ लोग मान सकते हैं कि एसी बंद करने से फ्यूल माइलेज बेहतर करने में मदद मिलेगी। हालांकि, यह हर मामले में सही नहीं है। हाईवे पर गाड़ी चलाते समय कुछ लोग एयर कंडीशनर को बंद करना पसंद करते हैं और प्राकृतिक हवा का इस्तेमाल करने के लिए खिड़की को नीचे कर देते हैं। हालांकि, यह कार माइलेज को सबसे बढ़िया करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है। वास्तव में, यह तरीका गलत है क्योंकि एसी को चलाने के लिए जितनी ऊर्जा की जरूरत है, खुली खिड़की से होने वाले हवा के प्रतिरोध का सामना करने के लिए कार ज्यादा ऊर्जा की खपत करेगी और ईंधन की खपत बढ़ेगी।

पेट्रोल कारों का फ्यूल माइलेज बढ़ाने के लिए कुछ और जरूरी बातें

पेट्रोल इंजन कार के लिए ईंधन बचाने के तरीकों के अलावा कुछ और कारगर सलाह भी हैं जो विभिन्न ईंधन प्रकार के वाहन के लिए लागू होती हैं।

अगर आप ड्राइविंग करते समय इन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो यह पेट्रोल कारों के ईंधन खपत में काफी सुधार कर सकता है। यहां तक कि यह कार निर्माता द्वारा दावा किए गए फ्यूल माइलेज तक पहुंचने में भी आपकी मदद कर सकता है।