क्रैश गार्ड की वजह से नहीं खुलता है एयरबैग, एक्सीडेंट में जा सकती है जान

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Updated: 26 Aug 2019, 11:43 AM IST

लोग अपनी कारों में बुल बार लगाते हैं सरकार इन्हें पहले ही अवैध करार कर चुकी है लेकिन इसके बावजूद अभी

नई दिल्ली : आजकल लोग अपनी जरूरत और सहूलियत के हिसाब से कार में आगे क्रैश गार्ड लगाते हैं। लेकिन ये क्रैश गार्ड न सिर्फ कार चलाने वालों के लिए बल्कि सड़क पर चलने वालों के लिए भी खतरनाक होते हैं। आपको बता दें कि कार पर इस तरह के क्रैश गार्ड/बुल बार लगाना मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 52 के अंतर्गत आता है। और मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के धारा 190 और 191 के मुताबिक जुर्माना लिए देना होगा।

यही वजह है कि हैदराबाद आरटीए ने कार पर इस तरह के क्रैश गार्ड लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। आरटीए का तर्क यह कि इससे पैदल यात्रियों को खतरा है। और आदेश न मानने वालों पर 2000 रुपए तक का जुर्माना किया जाएगा।

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वाहनों पर क्रैश गार्ड पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी करने के बाद, आरटीए अधिकारी ऐसे सभी ऑटोमोबाइल फिटिंग को हटाने के लिए जांच कर रहे हैं।

क्या होता है क्रैश गार्ड-

क्रैश गार्ड, जिसे बुल बार के रूप में भी जाना जाता है, मजबूत धातु की सलाखों हैं जो आमतौर पर कारों और भारी वाहनों पर टकराने से किसी भी नुकसान को रोकने के लिए तय की जाती हैं। लेकिन कई बार इनकी वजह से सड़क पर चलने वालों को चोट लगने का डर रहता है इसके अलावा कार के अंदर बैठे लोगों की जान को भी खतरा होता है।

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सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और इंडियन फेडरेशन ऑफ रोड सेफ्टी के संस्थापक विनोद कुमार कानुमल्ला ने कहा, "यह सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण केंद्र ने राज्यों से दिसंबर 2017 में वाहनों पर अनाधिकृत क्रैश गार्ड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।"