श्रम की बूंदों से ताप्ती नदी का संरक्षण

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Published: 23 Apr 2018, 12:51 PM IST

- मंत्री, महापौर और सामाजिक संगठनों ने बढ़ाए हाथ
- अमृतम जलम

Protection of Tapti river with drops of labor

बुरहानपुर. प्रदूषित होती शहर की जीवनदायिनी मां ताप्ती के संरक्षण के लिए मंत्री और महापौर सहित कई सामाजिक संगठनों ने इसका बीड़ा उठा लिया। दो घंटे तक श्रमदान की बूंदों से ताप्ती के राजघाट की सफाई कर दी। लगभग एक ट्रॉली कचरा किनारों से निकाला गया। अवसर था पत्रिका की ओर से अमृतम जलम में ताप्ती घाटों के सफाई अभियान का।
गर्मी के मौसम में ताप्ती नदी सूखने की कगार पर आ गई। इससे आसपास के जल स्त्रोतों पर भी असर पड़ा है। जो पानी घाटों पर थमा हुआ है, उसमें इतनी गंदगी और गाद जमा थी, कि कोई भी यहां स्नान नहीं करता है। पत्रिका के अमृतम जलम अभियान के तहत शहरवासियों ने इसकी सफाई का बीड़ा उठाया और दो घंटे लगातार श्रमदान कर राजघाट का हिस्सा पूरा साफ कर दिया। एक ट्रॉली से अधिक गाद निकालकर घाट पर डाली गई, जो निगम के माध्यम से इसे भी उठवाया गया।
मंत्री बोलीं जेसीबी से पूरे घाट की सफाई कराओ
पत्रिका के इस अभियान में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने भी शिरकत की। उन्होंने कहा कि पत्रिका का यह अभियान बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा पत्रिका ने इस ओर ध्यान आकर्षित कराया है। हम लोग तो दिनरात इस काम में मेहनत करते हैं। महापौर और निगम अध्यक्ष अपने स्तर पर लगे रहते हैं। इसमें प्रमुख काम है सफाई और पानी। लेकिन हमारे करने से यह काम पूरा नहीं होगा। हमें भी भ्रम है कि हम कर सकते हैं कि पहले हमारा इलाज होना चाहिए। यही काम हो या निर्माण का भी काम हो समाज जागरुकत होना जरूरी है। नही तो इमानदारी से काम नहीं हो सकता। प्रजातंत्र में समाज में जागरूक रहना तेजस्वी रहना और अखबार का ओजस्वी रहना बहुत जरूरी है। मंत्री ने कहा कि सफाई अगर ताप्ती की करना है तो सबसे पहले प्लास्टिक से लड़ाई लडऩा होगी। हमारी पीढिय़ा मर जाएगी, लेकिन प्लास्टिंग जिंदा रहता है। ये सब जनप्रतिनिधियों के अकेल बस की बात नहीं है। चार दिन पहले हमने अंबाड़ा के बांध के दरवाजे एक खुला था, मैंने एक छोड़कर ***** खुलवा दिए। कल रात तक पांच किमी तक आ चुके थे और आज रात या सुबह तक पानी जैनाबाद तक आ जाएगा। बोरीबंधान भी बनाया गया है। जो मजबूत बैराज की तरह बना दिया। वहां पानी रुककर बुरहानपुर के वाटर लेवल पर असर आएगा। मंत्री ने तुरंत अंबाड़ा का पानी राजघाट तक आने से पहले राजघाट और जैनाबाद के निर्माणाधीन पुल के पास फैली गंदगी को साफ करने के निर्देश दिए।
जल्द शुरू होगा ताप्ती शुद्धिकरण का संपवेल
मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि अटल के जमाने में ताप्ती शुद्धिकरण की शुरुआत हुई थी। साथ में चार संपवेल बने थे। करोड़ों रुपए खर्च हुआ। तत्कालीन यहां के प्रभावशाली नेता ने ताप्ती शुद्धीकरण के पैसे में दूसरे काम शुरू कराना शुरू कर दिए। शायद उनके ठेकेदारी उसी के संबंध में रही होगी और अटल बिहारी का सपना पूरा नहीं हो पाया। अब इसके लिए एक करोड़ रुपए स्वीकृत कराया। पीएचई से बात की है। उज्जैन के इंजीनियर से बात हुई है। चारों सेंपवेल में मोटर डालने के बाद पीएचई उसे दो माह चलाएगा। उसके बाद निगम को हैंडओवर करेगा। यह शुरू होने से पूरा गंदा पानी ताप्ती में न जाते हुए आयुर्वेदिक कॉलेज के पास ६ एमएलटी का तालाब बनाया है। वहां एकत्रित होकर इसे साफ कर खेतों के उपयोग के लिए छोड़ेंगे। ताकि यह वह पानी फसलों के लिए अमृत बने।

महापौर बोले परिश्रम से लोगों को प्रेरणा मिलेगी
महापौर अनिल भोसले ने कहा कि पुराणों में उल्लेख है कि धरती पर पहली नदी मां ताप्ती है। इनका स्मरण करने से हमें पुण्य प्राप्त होता है। ऐसी पवित्र नदी को हम गंदा होते नहीं देख सकते। आज पत्रिका अभियान के तहत जो हमने सफाई कर दो ढेर लगाए यह प्रतीक के रूप में है। क्योंकि देश के प्रधानमंत्री ने हाथ में झाडू उठाइ तो देश में परिवर्तन आ गया। इसी तरह आपने भी जो परिश्रम कर ताप्ती की सफाई की है, उससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी और शहर में भी परिवर्तन आएगा। पत्रिका पेपर के माध्यम से समाज को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपको यह जानकारी देना चाहता हूं कि जल्द ही ९० करोड़ रुपए की लागत से शहर में सीवरेज का काम पूरा होने पर गंदा पानी ताप्ती में नहीं आएगा। इससे बड़ा लाभ मिलेगा।

जन जाग्रति संस्था के महेंद्र जैन, फौजिया सोड़ावाला, सुमेरा अली, शोभा चौधरी, नंदकिशोर जांगड़े, राजेश भगत
पत्रिका समाचार पत्र समूह द्वारा जो यह कार्य किया गया है। आओ हम सब मिलकर यह प्रण ले, ताप्ती शुद्धीकरण अभियान होगा।
पत्रिका अभियान की सराहना
पत्रिका अभियान की लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सरोकार में ताप्ती नदी की सफाई का अभियान बहुत बेहतर है। लेकिन यह अभियान लगातार चलाया जाना चाहिए। ताकि सभी घाटों का शुद्धीकरण हो सके। इसके आगे भी सतियारा घाट और नागझिरी घाट पर भी सफाई अभियान चलाया जाएगा।