युवती ने दर्ज कराया गैंगरेप का झूठा मुकदमा, पूरा मामला जानकर भन्ना जाएगा सिर

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Updated: 19 Mar 2020, 02:12 PM IST

Highlights:

-मामला औरंगाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव का है

-युवती ने 18 मार्च को तहरीर देकर गांव के ही तीन युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था

-पुलिस ने जांच में मामला झूठा पाया और तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया

बुलंदशहर। सुप्रीम कोर्ट और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं व युवतियों की सुरक्षा के लिए कई तरह के कानून बनाए हैं। जिसके चलते अपराधियों में भी खौफ पैदा हुआ है। लेकिन, कई बार इन्हीं कानूनों का उपयोग बेगुनाओं को फंसाने के लिए हथियार के तौर पर भी किया जाता है। ताजा मामला बुलंदशहर जिले का सामने आया है। जिसमें एक युवती द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था। हालांकि जब पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला झूठा पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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दरअसल, मामला औरंगाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां रहने वाली युवती ने 18 मार्च को तहरीर देकर गांव के ही रोहित पुत्र कन्हैयालाल, मोन्टी पुत्र फूल सिंह, विनोद पुत्र रतनपाल की पत्नी का भाई पर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं जब पुलिस ने मामले की जांच के दौरान युवती से गहनता से पूछताछ तो उसने बताया कि उसके ताऊ-ताई व मनोज नामक व्यक्ति द्वारा उपरोक्त व्यक्तियों को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए उसे थाने भेजकर ऐसा मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया था।

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उधर, युवती के बयानों की वीडियोग्राफी और जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उसके ताऊ सुन्दर, ताई किरन देवी व मनोज के खिलाफ धारा 195 (झूठी सूचना देना), 120बी (षड्यंत्र रचना), 182 (ऐसे साक्ष्य देना जिससे दूसरे व्यक्ति को क्षति हो रही हो), 211 (अपराधी को अपने संरक्षण में रखना) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। इस बाबत एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि भविष्य भी यदि कोई इस तरह का झूठा केस लिखवाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ भी इस तरह की कार्रवाई की जाएगी।