दिमाग को बनाइए स्मार्ट

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Published: 20 Jun 2018, 04:47 AM IST

आमतौर पर हम मान लेते हैं कि उम्र के साथ-साथ हमारा दिमाग भी सुस्त होता जा रहा है। जबकि तनाव और खान-पान में बदलाव इसके...

आमतौर पर हम मान लेते हैं कि उम्र के साथ-साथ हमारा दिमाग भी सुस्त होता जा रहा है। जबकि तनाव और खान-पान में बदलाव इसके लिए ज्यादा जिम्मेदार हैं। यही बात दुनियाभर के वैज्ञानिक अध्ययनों में भी साबित हुई है। थोड़ी सी सतर्कता और मेहनत से हम हालात बदल सकते हैं।

ह र कोई चाहता है कि उसकी याददाश्त अच्छी हो। जब भी वह कुछ रिकॉल करना चाहे तो तुरंत याद आ जाए। लेकिन दिमाग तेज रहने के बावजूद कभी-कभी कुछ लोगों को किसी व्यक्ति या चीज को देखकर तुरंत उसका नाम याद नहीं आता। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है तो कुछ विशेष बातों का खयाल रखकर दिमाग को फिर से स्मार्ट बना सकते हैं।

फैटी डाइट से बनाएं दूरी

दिमाग को तेज करने में डाइट की भी भूमिका होती है इसलिए अधिक तले-भुने या फैट बढ़ाने वाली चीजों से परहेज करें। लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान फैटी डाइट के अंश वाले बैक्टीरिया चूहों के शरीर में डाले। उनके दिमाग और मानसिक गतिविधियों के परीक्षण में पाया कि फैटी पदार्थ न सिर्फ दिमाग को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि बेचैनी व अवसाद भी बढ़ाते हंै।

हमेशा रहें खुश

नृत्य, गाने सुनना या गाना, चित्रकारी, खेल आदि ऐसी गतिविधियों का हिस्सा बनें जो आपको खुशी दें। यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के ब्रेन एंड माइंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक खुश रहने का मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है। ज्यादा चिंता करने से मैमोरी व इमोशंस को नियंत्रित करने वाला दिमाग का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हिप्पोकैंपस सिकुडऩे लगता है।

सुबह के नाश्ते से ऊर्जा

कुछ लोग सुबह का नाश्ता नहीं करते। ऐसे में उनके दिमाग में ग्लूकोज की सप्लाई कम होने से थकान हो सकती है। ओट्स, दलिया, उपमा, अंकुरित अनाज, फल व दूध जैसे आहार से दिमाग दिनभर ऊर्जावान रहने के साथ दिमागी सक्रियता बनी रहती है।

8 घंटे की नींद व छोटी-छोटी झपकी फायदेमंद

शरीर के बाकी अंगों की तरह दिमाग का भी विशेष खयाल रखना चाहिए। पूरी नींद लेने से दिमाग तरोताजा हो जाता है। इसके अभाव में दिमाग संबंधी अन्य परेशानियों के साथ भूलने की शिकायत हो सकती है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम 8 घंटे नींद जरूर लेनी चाहिए। अच्छी याददाश्त के लिए लगातार काम के दौरान बीच-बीच में थोड़ी झपकी लेना अच्छा रहता है इससे दिमाग के काम करने की क्षमता बढ़ती है।

तनाव से करें तौबा

तनाव दिमाग का सबसे बड़ा दुश्मन है। इससे दूरी बनाना ही बेहतर है। इसके लिए ध्यान व योग फायदेमंद हो सकता है। जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस के मुताबिक अधिक तनाव से शरीर में कार्टिसोल हार्मोन का स्त्रवण ज्यादा हो जाता है। इससे व्यक्ति के सोचने-समझने की शक्ति कम हो जाती है। इसके कारण व्यक्ति की निर्णय क्षमता पर भी गलत असर पड़ता है।

खूब पानी पिएं

शरीर में पानी की कम मात्रा से डिहाइड्रेशन की शिकायत होने की बात सभी जानते हैं लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इससे दिमाग के काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। पानी की कमी से दिमाग के ऊत्तक सिकुड़ सकते हैं इसलिए दिन में कम से कम 10 गिलास पानी जरूर पिएं।

व्यायाम से लाभ

इलिनॉय यूनिवर्सिटी के एक शोध से पता चला है कि नियमित रूप से व्यायाम करने से मस्तिष्क में नई कोशिकाएं और धमनियां तैयार होती हैं। साथ ही इससे क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत भी होती है। इसलिए व्यायाम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अहम माना गया है।

टहलना फायदेमंद

पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार यदि आप सप्ताह में तीन बार सामान्य गति से कुछ दूर टहलते हैं तो यह आपके मस्तिष्क के हिप्पोकैंपस का आकार सामान्य बनाए रखने ेमें मदद करता है। इसलिए रोजाना टहलने की आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

मल्टीटास्किंग से बचें

कुछ लोगों को एक साथ कई काम करने की आदत होती है। इससे दिमाग पर दबाव बढ़ता है। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध से पता लगा है कि मल्टीटास्किंग से काम करने की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसके कारण दिमाग की निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है। इसलिए ऐसी आदत से बचें व एक बार में एक ही काम पर फोकस करें।

धूम्रपान से परहेज

स्मोकिंग भी मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदायक मानी जाती है, इससे बचें। स्कॉटलैंड में हुए एक शोध के मुताबिक ऐसे लोगों की सामान्य लोगों के मुकाबले बढ़ती उम्र में
मानसिक क्षमता औसतन कम हो जाती है।

कुछ नया सीखें

शरीर के बाकी अंगों की तरह मस्तिष्क भी कोशिकाओं और ऊत्तकों से बना है। इसकी संरचना और प्रक्रियाएं अन्य अंगों की तुलना में ज्यादा जटिल हैं। तनाव, कुपोषण और अनिद्रा से इस पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में कुछ न कुछ नया सीखकर या वर्ग पहेली व सुडोकू जैसी मानसिक गतिविधियों से दिमाग को सक्रिय बनाए रखें।