बिना चेतावनी होता है कार्डिएक अरेस्ट

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Published: 25 Jun 2018, 04:49 AM IST

धडक़नें अनियमित होने से जब हृदय मस्तिष्क व शरीर के अन्य महत्त्वपूर्ण अंगों में रक्तापूर्ति नहीं कर पाता तो इसे सडन कार्डिएक अरेस्ट...

धडक़नें अनियमित होने से जब हृदय मस्तिष्क व शरीर के अन्य महत्त्वपूर्ण अंगों में रक्तापूर्ति नहीं कर पाता तो इसे सडन कार्डिएक अरेस्ट (एससीए) कहते हैं । यह अक्सर बिना किसी चेतावनी के होता है और ऐसे में मरीज का बच पाना मुख्य रूप से समय पर उपचार मिलने पर निर्भर करता है ।

हार्टअटैक से अलग है एससीए

कई बार लोग इसे गलती से ‘मैसिव हार्ट अटैक’ समझ लेते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। जब हृदय से जुड़ी धमनी में ब्लॉकेज के कारण खून हृदय तक नहीं पहुंचता है तो वह हृदयघात की स्थिति होती है लेकिन एससीए हृदय की धडक़न अनियमित होने से होता है । यह एक ऐसी आपात स्थिति है जिसमें कुछ ही मिनट में मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो सकता है और व्यक्तिकी मौत भी हो सकती है । कुछ मामलों में हार्ट अटैक के कारण सडन कार्डिएक अरेस्ट हो सकता है ।

प्रमुख लक्षण

अचानक बेहोश हो जाना ।
कंधे पर थपथपाने का असर न होना ।
सांस लेने में दिक्कत ।
नब्ज और रक्त चाप का खत्म हो जाना यानी बीपी लेस पल्स ।

इन्हें है जोखिम

जिनके परिवार मे किसी को कम उम्र पर हृदय की बीमारी, हार्ट अटैक या कार्डि एक अरेस्ट की समस्या हुई हो
कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण हृदय की मांसपे शियां क्षति ग्रस्त होने से धडक़नों में अनि यमितता हो ।
धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, अधिक कोले स्ट्रॉल, मोटापा और शराब की लत।हृदय की पंपिंग में अवरोध ।

उपकरण करेगा अलर्ट

विशेषज्ञ इसमें इंप्लांटे बल कार्डियोवर्टर डीफि ब्रिलेटर (आईसीडी) के प्रयोग की सलाह देते हैं । यह कार्डिएक अरेस्ट के जोखिम वाले लोगों के बचाव के लिए इस्ते माल किया जाने वाला एक छोटा उपकरण है जिसे हृदय के आसपास की त्वचा के नीचे लगाया जाता है । यह हृदय की धडक़न की निरंतर निगरानी रखकर अलर्ट करता है ।