पुलिस पिटाई से खरगोन जिले में हुई आदिवासी मौत, सीबीआई जांच हो

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Published: 12 Sep 2021, 12:43 AM IST

कांग्रेस की मांग मृतक के आश्रित को मिले एक करोड़ का मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी

भोपाल। प्रदेश के खरगोन जिले के बिस्टान थाना क्षेत्र के खैरकुड़ी गांव के आदिवासी युवक बिसन के साथ पुलिस ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। पुलिस की पिटाई से ही आदिवासी बिसन की मौत हुई। इसके लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो। पूरे मामले की सीबीआई जांच हो। कांग्रेस द्वारा गठित जांच दल ने अनुशंसा की है। पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ के नेतृत्व में एक जांच समिति का गठन किया था। समिति में विधायक ग्यारसीलाल रावत, पांचीलाल मेड़ा, बालसिंह मेड़ा, मुकेश पटेल को सदस्य बनाया गया था। समिति के साथ विधायक रवि जोशी, विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष झूमा सोलंकी और विधायक केदार डाबर ने 9 सितम्बर को मृतक के गांव खैरकुंडी पहुंचकर ग्रामवासियों एवं मृतक के परिजनों से मुलाकात की और घटना की विस्तृत जांच की।

जांच दल ने शनिवार को संयुक्त पत्रकार वार्ता में विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि बीते 31 अगस्त को पुलिस ने बिसन को जांच के लिए थाने बुलाया। थाने में बिसन के साथ मारपीट की गई। मृतक के पुत्र मिथुन ने कांग्रेस की जांच समिति को बताया जब वह थाने गया तो उसे अपने पिता बिसन को भोजन देने से रोक दिया गया। मिथुन ने बताया कि उसके सामने ही बिसन को बेल्ट और पाईप से थाने के अलग-अलग कमरों में ले जाकर बुरी तरह पीटा गया।
परिवार और ग्रामवासियों से परामर्श के बाद जांच समिति ने सिफारिश की है कि मृतक बिसन के परिवार में पांच बच्चे हैं एवं वह अपने परिवार का अकेला कमाने वाला था। इन हालात को देखते हुए मृतक बिसन के परिवार को राज्य शासन एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराए। परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए।

पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता देगी कांग्रेस -
साधौ ने बताया कि जांच समिति ने पूरे मामले से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को अवगत कराया। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस की ओर से पीडि़त परिवार को पांच लाख रुपए देने का निर्णय लिया है। साधौ ने कहा कि मप्र में आदिवासियों पर अत्याचार लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आदिवासी हक की लड़ाई लड़ती रहेगी।