नौकर ने की सायबर ठगी, बुक कराया मनाली का लक्जरी टूर

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Published: 24 May 2017, 01:24 PM IST

मालिक का एटीएम नंबर पता कर नौकर ने की धोखाधड़ी, मेक माय ट्रिप से कराया था मनाली का लक्जरी पैकेज बुक, बाप-बेटा गिरफ्तार, फरियादी को साइबर क्राइम ने कराए 62,000 रुपए वापस। 
भोपाल। परिवार की तरह घर में रहने वाले शातिर नौकर ने मालिक के एटीएम कार्ड का उपयोग कर खुद के लिए मनाली में लक्जरी टूर पैकेज बुक करा लिया। जब मालिक को अपने खाते से ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली तो उसने साइबर क्राइम ब्रांच की मदद ली। साइबर पुलिस ने मामले का पटाक्षेप कर मालिक के खाते ठगी की राशि वापस दिलाई। 
रीवा के इंदिरानगर निवासी रामकृष्ण अग्रवाल ने साइबर क्राइम पुलिस को आवेदन दिया कि उनके भारतीय स्टेट बैंक के खाते से 73 हजार 336 रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया गया है जिसकी उन्हें जानकारी नहीं है। साइबर क्राइम पुलिस भोपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि यह ट्रांजेक्शन मेक माय ट्रिप में किया गया है। इसमें दो लोगों के लिए मनाली का लक्जरी टूर बुक किया गया है। साइबर क्राइम पुलिस ने इस हॉलिडे टूर को निरस्त कर फरियादी के खाते में 62 हजार 366 रुपए वापस जमा कराए। 
नौकर निकला मास्टर माइंडपुलिस की तफशीश में सामने आया कि यह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन रतलाम निवासी सूरजसिंह राठौर ने किया था। सूरज रामकृष्ण अग्रवाल के घर नौकरी करता था। बताते चलें सूरज अपने मालिक का विश्वस्त नौकर था और उसकी पहुंच घर की अलमारियों तक थी। सूरज ने पुलिस को बताया एक दिन साहब मोबाइल घर में भूल गए और मुझे उन तक मोबाइल पहुंचाने को कहा। जब वह मोबाइल लेने गया तो वहीं उनका एटीएम कार्ड भी रखा था। एटीएम कार्ड के नंबर लेकर उसने यह पैकेज बुक कराया था। 
पिता भी ठगी में शामिलसूरज ने बताया कि इस बात की जानकारी उसने अपने रतलाम निवासी पिता पूरनसिंह राठौर को भी बताई थी और शेष राशि उनके खाते में भी जमा कराई। पुलिस की पूछताछ में टूटे सूरज ने बताया पिता ने भी इस मामले में उसका साथ दिया। अगर ठगी का पता नहीं चलता तो अब तक दोनों मनाली के टूर पर जा चुके होते। 
वापस दिलाए 62 हजार रुपएठगी की जांच कर रही भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने मेक माय ट्रिप में घटना की जानकारी देकर इस टूर पैकेज को निरस्त कराया और टूर के रूप में जमा कराई गई 62 हजार 366 रुपए की वापस रामकृष्ण अग्रवाल के खाते में वापस डलवाई। साइबर पुलिस के अनुसार ऐसे मामले में कार्ड धारकों को सजग होने की जरूरत है।
ऐसे बचें ठगी सेजब से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ा है साइबर क्राइम भी बढऩे लगे हैं। हमें प्लास्टिक मनी इस्तेमाल करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। कोशिश यह होना चाहिए कि कार्ड को सुरक्षित स्थान पर रखें और पिन कोड खुद याद करके रखें इसे किसी स्थान पर न लिखें। इसके साथ ही समय समय पर हो सके तो हर रोज अपने बैलेंस का स्टेटस चेक करते रहें।