कॉलोनी के निगम में विलय होने की बात नहीं मान रहे अधिकारी

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Updated: 24 Jan 2020, 12:26 PM IST

श्रीकृष्णपुरम कॉलोनी: बिल्डर से पंचायत में हो चुकी हैंडओवर, पंचायत 2014 में निगम में शामिल

भोपाल. होशंगाबाद रोड स्थित श्रीकृष्णपुरम कॉलोनी का नगर निगम में विलय होने के बाद भी लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। रहवासी 5 साल से पेयजल सहित अन्य सुविधाओं से वंचित हैं। दो दशक पूर्व विकसति कॉलोनी का 2013 में बिल्डर द्वारा नियमानुसार तत्कालीन ग्राम पंचायत दीपड़ी में 31 लाख रुपए विकास शुल्क जमाकर विलय करा दिया था। इसके बाद वर्ष 2014 में नगर निगम के परसीमन के बाद यह पंचायत निगम के वार्ड 85 में शामिल हो गई, लेकिन निगम के अधिकारी कॉलोनी का निगम में विलय को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

निगम के सोतेले व्यवहार से रहवासी परेशान
कॉलोनी के फेस 4 आप्टेल कुंज और फेस 3 में ननि के कर्मचारी ही पेयजल व्यवस्था देखते हैं। फेस 1-2 और पांच की पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी रहवासी समिति को उठानी पड़ रही है। पदाधिकारी बताते हैं कि एक तरफ निगम के अधिकारी कॉलोनी को निगम का हिस्सा मानने के लिए तैयार नहीं हैं तो दूसरी ओर 2 फेस की पेयजल व्यवस्था के लिए कर्मचारी तैनात करने के साथ बिजली के मीटर भी निगम के नाम से लगे हुए हैं। इस संबंध में एक दर्जन से ज्यादा पत्र लिखने के साथ समिति पदाधिकारी महापौर सहित ननि आयुक्त से मिल चुके हैं, इसके बाद भी अब तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ।

 

नर्मदा जल को लेकर संसय कि स्थिति
होशंगागाद रोड पर श्री कृष्णपुरम सहित अन्य कॉलोनियों में नर्मदा जल से पानी सप्लाई के लिए पेयजल वितरण लाइनें डाली जा रही हैं। यहां रहवासियों में नर्मदा जल कनेक्शन लेने के लिए राशि पर संसय बना हुआ है। रहवासियों का मानना है कि जिस तरह निगम ने भोपाल व आसपास क्षेत्रों में प्रति कनेक्शन 10 हजार रुपए लिए हैं, इस स्थिति में यहां भी यह राशि वसूली जाएगी। रहवासियों का कहना है कि जब कॉलोनी नगर निगम के हैंडओवर है तो लोगों से कनेक्शन के लिए भारी भरकम राशि किस लिए।

अधिकारी मानने को तैयार नहीं
कॉलोनी वर्ष 2013 में पंचायत के हैंडओवर हो चुकी है। बिल्डर द्वारा दिया गया विकास शुल्क बैंक में जमा है। 2014 में ग्राम पंचायत का ननि में आ जाने से कॉलोनी खुद व खुद निगम के हैंडओवर हो गई, लेकिन अधिकारी इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं। इससे कॉलोनी की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
आरके पाण्डे, सचिव श्री कृष्णपुरम

 

कॉलोनी हैंडओवर के संबंध में वरिष्ठ अधिकारी ही अवगत कराएंगे। जहां तक नर्मदा जल के कनेक्शन की राशि का मामला है तो अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग है। इसमें तीन स्लेब बने हुए हैं, जो इस दायरे में आएगा उससे उसी के दायरे का शुल्क लिया जाएगा।
अजय मालवीय, सहायक यंत्री ननि जोन 19

कॉलोनी के संबंध मेंं परिषद की बैठक में मुद्दा उठाने सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर चुका हूं, लेकिन अधिकारी कॉलोनी को नगर निगम के हैंडओवर मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
कामता पाटीदार, पार्षद वार्ड 85