अब नाक के अंदरूनी हिस्से में भी ढूंढ सकेंगे ब्लैक फंगस को, हमीदिया में आई नई मशीन

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Published: 29 Jul 2021, 12:25 AM IST

25 लाख की इस मशीन में इनबिल्ट इंडोस्कोप से आसानी से यह देखा भी जा सकेगा कि कितना हिस्सा खराब है। इस मशीन से इतनी सफाई से काम होता है कि सर्जरी के बाद मरीजों को ज्यादा एंटीबायोटिक देने की जरूरत नहीं पड़ती।

अब नाक के अंदरूनी हिस्से में भी ढूंढ सकेंगे ब्लैक फंगस को, हमीदिया में आई नई मशीन

भोपाल। हमीदिया अस्पताल में ब्लैक फंगस की जांच अब अत्याधुनिक माइक्रोडिब्राइडर मशीन से की जाएगी। इस मशीन से साइनस के अंदरूनी हिस्से में भी ब्लैक फंगस के संक्रमण की जांच की जा सकेगी। 25 लाख की इस मशीन में इनबिल्ट इंडोस्कोप से आसानी से यह देखा भी जा सकेगा कि कितना हिस्सा खराब है। इस मशीन के न होने से ब्लैक फंगस को देखने के साथ, खराब टिश्यू को काटने, उन्हें निकालने और बाद में सफाई के लिए चार अलग-अलग उपकरणों की जरूरत होती है। हर काम में करीब आधा घंटा लगता है। पूरी सर्जरी में दो से तीन घंटे लग जाते हैं। अब पूरा काम एक ही मशीन से किया जाता है।

अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. यशवीर जेके ने बताया कि इस मशीन से इतनी सफाई से काम होता है कि सर्जरी के बाद मरीजों को ज्यादा एंटीबायोटिक देने की जरूरत नहीं पड़ती। मालूम हो कि प्रेरणा सेवा ट्रस्ट और परपीड़ा हर संस्थान ने छह लाख रुपये की छोटी माइक्रोडिब्राइडर मशीन हमीदिया अस्पताल प्रबंधन को जून में दान की थी। इस मशीन से करीब एक घंटे के भीतर एक मरीज की सर्जरी की जा रही है। ऐसे में मशीन को बारी-बारी से एक ओटी से दूसरी ओटी में लेकर जाना पड़ रहा था। अब यह दिक्कत नहीं होगी।

क्या होता है ब्लैक फंगस
ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) एक ऐसा खतरनाक इंफेक्शन है, जो अब तक बहुत ही कम लोगों को होता रहा है। लाखों में किसी एक को यह संक्रमण होता था. कोरोना से संक्रमित मरीजों में यह इंफेक्शन बड़ी तेजी से फैला है। यह इतना खतरनाक संक्रमण है कि इसके शिकार करीब आधे लोगों की जान चली जाती है। ब्लैक फंगस के सबसे अधिक मामले डायबिटिक लोगों में आ रहे हैं। ऐसे में इन्हें सबसे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है और नियमित तौर पर अपना शुगर लेवल चेक करते रहना चाहिए।

इन मरीजों को है सबसे अधिक खतरा

  • डायबिटीज के मरीज में जिन्हें स्टेरॉयड दिया जा रहा है
  • कैंसर का इलाज करा रहे मरीज
  • अधिक मात्रा में स्टेरॉयड लेने वाले मरीज
  • ऐसे मरीज जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम है
  • ऐसे मरीज जिनके किसी ऑर्गन का ट्रांसप्लांट हुआ हो
  • ये लक्षण हो सकते हैं ब्लैक फंगस के


    ब्लैक फंगस आमतौर पर साइनस, मस्तिष्क और फेफड़ों को प्रभावित करता है लेकिन कई मामलों में यह शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है अगर इनमें से कुछ भी लक्षण है तो ब्लैक फंगस को लेकर जांच कराना चाहिए

  • नाक बंद होना या नाक से खून या काला-सा कुछ निकलना
  • गाल की हड्डियों में दर्द होना, एक तरफ चेहरे में दर्द, सुन्न या सूजन होना
  • नाक की ऊपरी सतह का काला होना
  • दांत ढीले होना, आंखों में दर्द होना, धुंधला दिखना या दोहरा दिखना
  • आंखों के आस-पास सूजन होना
  • सीने में दर्द या सांस लेने में दिक्कत होना।