Coronavirus symptoms: खाने में स्वाद नहीं आ रहा तो हो सकता है कोरोना, खुद को करें सेल्फ आइसोलेट

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Published: 25 Mar 2020, 01:39 PM IST

Coronavirus symptoms: खाने में स्वाद नहीं आ रहा तो हो सकता है कोरोना, खुद को करें सेल्फ आइसोलेट

Coronavirus symptoms: खाने में स्वाद नहीं आ रहा तो हो सकता है कोरोना, खुद को करें सेल्फ आइसोलेट

कोरोना वायरस का संक्रमण अब पूरी दुनिया में फैल चुका है। वहीं भारत में कोरोना से ग्रसित लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। वहीं मध्यप्रदेश की बात करें तो अब तक मध्यप्रदेश में 9 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। वहीं इन सभी में कोरोना के लक्षण देखने को मिले।

इस खतरनाक वायरस से लड़ने के लिए हमें बहुत सतर्कता बरतने की आवश्यकता है और अगर आपको कोरोना वायरस के लक्षण नजर आएं तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि कोरोना वायरस के शुरूआती लक्षण सर्दी, जुकाम, बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना आदी शामिल है। लेकिन इसके अलावा कोरोना के संक्रमण को लेकर एक दावा और आया है जो कि हम आपको बताते हैं। आइए जानते हैं...

 

दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण के अत्यधिक गंभीर मामलों में संक्रमण के लक्षण को लेकर एक और दावा सामने आया है। जिसमें डॉक्टरों का कहना है कि, अगर किसी को खाने में स्वाद और किसी भी चीज की गंध का अहसास नहीं हो रहा है तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये। क्योंकि यह भी एक कोरोना वायरस का लक्षण है। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को गंध या स्वाद में किसी तरह की समस्या वर्तमान में आ रही है वो खुद को सेल्फ आइसोलेट करें।

अमेरिका में भी देखे गए ऐसे लक्षण

अमेरिकन एकेडमी ऑफ ओटोलर्यनोलोजी (ईएनटी विज्ञान) की रिपोर्ट के मुताबिक, गंध की कमी या स्वाद की कमी कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण में शामिल है और यह उन रोगियों में देखे गए हैं जिनमें कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।

ये लक्षण भी आने लगते हैं नजर

हमारा शरीर जब कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाता है, तो इसका सबसे पहला प्रभाव हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है, क्योंकि ये संक्रमण को खत्म करने के लिए पहले खुद उसे शरीर से बाहर निकालने के लिए लड़ाई करता है, लेकिन कुछ दिनों में ये खुद ही कमजोर होने लगता है। तब बुखान आता है। जब स्थिति गंभी हो जाती है तब ये संक्रमण हमारे फेफड़ों की कोशिकाओं पर हमला करता है। ऐसा होने से कफ बनने लगता है, जिस कारण सांस लेने में परेशानी होने लगती है। जो आगे जाकर भयावय रूप ले लेती है।