बीजेपी का बड़ा दांव, पद पर रहते 14 मंत्री लड़ेंगे उपचुनाव !

|

Published: 02 Jul 2020, 06:11 PM IST

मध्यप्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनाव से पहले बीजेपी ने एक बड़ा दांव खेला है और उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होने से पहले ही फ्रंटफुट पर आती दिख रही है...

भोपाल. मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट के विस्तार में सिंधिया के 11 नए समर्थकों को कैबिनेट में शामिल कर बीजेपी ने एक बड़ा दांव खेला है। ये दांव प्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले अब तक के सबसे उपचुनाव को लेकर है। मध्यप्रदेश में सिंधिया समर्थक 13 पूर्व विधायकों को शिवराज कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है और कांग्रेस से बीजेपी में आए बिसाहूलाल साहू भी मंत्री बनाए गए हैं जिससे साफ है कि ये 14 मंत्री उपचुनाव में चुनावी मैदान में होंगे।

24 सीटों पर उपचुनाव, 14 पर लड़ेंगे मंत्री
मध्यप्रदेश में जिन 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें से 14 सीटों पर प्रदेश की मौजूदा सरकार के मंत्री चुनावी मैदान में होंगे। जाहिर है मंत्री के चुनावी मैदान में होने से बीजेपी फ्रंटफुट पर रहेगी और चुनाव में उसे इसका फायदा भी हो सकता है। मंत्रियों के उपचुनाव में चुनाव लड़ने की बात इसलिए भी साफ है क्योंकि ये सभी 14 मंत्रीपूर्व विधायक हैं। ऐसे में उन्हें एक बार फिर विधायक बनना होगा और तभी वो मंत्री बने रहेंगे।

इन सीटों पर दांव पर लग सकती हैं मंत्रियों की साख ?

 

1. सुमावली विधानसभा सीट
सुमावली विधानसभा सीट से एंदल सिंह कंसाना पूर्व विधायक हैं। शिवराज सरकार में मंत्री बनाए गए एंदल सिंह कंसाना 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकिट पर सुमावली से चुनाव लड़े थे और तब उन्होंने बीजेपी के अजब सिंह कुशवाहा को 13315 वोटों से चुनाव हराया था। बाद में एंदल सिंह कंसाना ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और अब शिवराज सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया है।

 

2. ग्वालियर
ग्वालियर सीट से प्रद्युम्न सिंह तोमर पूर्व विधायक हैं। कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके प्रद्युम्न सिंह तोमर को शिवराज कैबिनेट में भी मंत्री बनाया गया है। सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों में शामिल प्रद्युम्न सिंह तोमर ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव में ग्वालियर सीट पर बीजेपी के पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को 21 हजार 44 वोटों से शिकस्त दी थी।

 

3. डबरा
शिवराज सरकार में मंत्री बनीं इमरती देवी डबरा से पूर्व विधायक हैं। सिंधिया समर्थक इमरती देवी कमलनाथ सरकार में भी मंत्री थीं और सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद वो भी कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गई थीं। इमरती देवी ने साल 2018 में डबरा विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। तब उन्होंने बीजेपी के कप्तान सिंह शेहशारी को 54 हजार 446 वोटों से हराया था।

4. बामोरी (गुना)
गुना जिले की बामोरी सीट से उपचुनाव में शिवराज सरकार के मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया मैदान में उतर सकते हैं। सिंधिया समर्थक प्रद्युम्न सिंह बामोरी सीट से पूर्व विधायक हैं और साल 2018 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी के बृजमोहन सिंह आजाद को 27 हजार 920 वोटों से हराया था।

5. सुरखी
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के सत्ता से जाने और शिवराज सरकार के आने पर सरकार में मंत्री बनाए गए गोविंद सिंह राजपूत की विधानसभा सीट सुरखी पर भी उपचुनाव हैं। साल 2018 के चुनाव में गोविंद सिंह ने सुरखी से बीजेपी के सुधीर यादव को 24 हजार 418 वोटों से शिकस्त दी थी। गोविंद सिंह राजपूत कमलनाथ सरकार में भी मंत्री थे।

 

6. सांची
रायसेन जिले की सांची विधानसभा सीट से पूर्व विधायक प्रभुराम चौधरी को भी शिवराज मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया गया है। इससे पहले कमलनाथ सरकार में भी प्रभुराम चौधरी स्कूल शिक्षा मंत्री थे। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रभुराम चौधरी ने बीजेपी के मुदित शेजवार जो कि पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार के बेटे हैं उन्हें 10 हजार 813 वोटों से हराया था।

 

7. सांवेर
सिंधिया के करीबी तुलसीराम सिलावट सांवेर से पूर्व विधायक हैं। तुलसी सिलावट शिवराज सरकार में जल संसाधन मंत्री हैं। सिलावट कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे और मंत्री पद त्यागकर सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। सिलावट ने 2018 विधानसभा चुनाव में सांवेर से बीजेपी के राजेश सोनकर को 2 हजार 945 वोटों से हराया था।

 

8. दिमनी (जिला- मुरैना)
मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक गिर्राज दंडौतिया शिवराज मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए गए हैं। दंडौतिया ने साल 2018 के चुनाव में बीजेपी के शिवमंगल तोमर को 18 हजार 477 वोटों से शिकस्त दी थी।

 

9. मेहगांव (जिला-भिंड)
भिंड जिले की मेहगांव सीट पूर्व विधायक ओपीएस भदौरिया को भी शिवराज कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। भदौरिया ने भी सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी ज्वाइन की थी। साल 2018 विधानसभा चुनाव में ओपीएस भदौरिया कांग्रेस की सीट पर मेहगांव से चुनाव लड़े थे और बीजेपी के राकेश शुक्ला को 25 हजार से भी ज्यादा वोटों से हराया था।

 

10. पोहरी (जिला-शिवपुरी)
शिवराज कैबिनेट में मंत्री बने सुरेश धाकड़ पोहरी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक हैं। सिंधिया समर्थक सुरेश धाकड़ ने साल 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कैलाश कुशवाहा को 7 हजार 918 वोटों से चुनाव हराया था।

 

11. मुंगावली (जिला-अशोकनगर)
अशोकनगर जिले की मुंगावली सीट से पूर्व विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव शिवराज कैबिनेट में मंत्री बनाए गए हैं। साल 2018 चुनाव में बृजेन्द्र सिंह ने बीजेपी के कृष्णपाल सिंह को 2 हजार 136 वोटों से शिकस्त दी थी।

 

12. अनूपपुर
शिवराज कैबिनेट में मंत्री बनाए गए पूर्व विधायक बिसाहूलाल साहू अनूपपुर सीट से हैं। बिसाहूलास साहू की गिनती कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में होती थी और वो दिग्विजय सरकार में मंत्री भी थे लेकिन कमलनाथ सरकार में मंत्री पद न मिलने से दुखी बिसाहूलाल साहू कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस से चुनाव लड़ते हुए बिसाहूलाल साहू ने बीजेपी के रामलाल रौतेल को 11 हजार से भी ज्यादा वोटों से हराया था।

 

13. बदनावर
बदनावर सीट से पूर्व विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगांव भी शिवराज कैबिनेट में मंत्री बनाए गए हैं। साल 2018 के चुनाव में राजवर्धन सिंह ने बीजेपी के भंवर सिंह शेखावत को 41 हजार से भी ज्यादा वोटों से हराया था। राजवर्धन सिंह भी सिंधिया समर्थक हैं और उन्होंने भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी।

 

14. सुवासरा
कमलनाथ सरकार के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले सुवासरा के पूर्व विधायक हरदीप सिंह डंग को भी शिवराज कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। डंग ने साल 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राधेश्याम नंदलाल पाटीदार को बेहद ही करीबी मुकाबले में 350 वोटों से हराया था।