सोशल प्राइड : रेलवे कर्मियों ने दवाई से भरा बैग बीमार यात्री को लौटाया

|

Published: 28 Feb 2020, 10:28 PM IST

कैसर पीडि़त महिला का दवाई से भरा बैग शालीमार एक्सप्रेस में छूटने की खबर जैसे ही रेलवे कर्मचारियों को मिली सारे काम छोड़ बैग को वापस दुर्ग लाने कवायद शुरू कर दी। टीसी एल राव और जीआरपी की महिला कर्मचारी लक्ष्मी बांधे व प्रमिला ठाकुर ने कुछ घंटे में ही बैग वापस दिलाया।

दुर्ग@Patrika. कैसर पीडि़त महिला का दवाई से भरा बैग शालीमार एक्सप्रेस में छूटने की खबर जैसे ही रेलवे कर्मचारियों को मिली सारे काम छोड़ बैग को वापस दुर्ग लाने कवायद शुरू कर दी। टीसी एल राव और जीआरपी की महिला कर्मचारी लक्ष्मी बांधे व प्रमिला ठाकुर ने कुछ घंटे में ही बैग वापस दिलाया।

शालीमार एक्सप्रेस में मुबंई से ईलाज कराकर लौट रहे अनुराग दर्शन का बैग छूट गया

शालीमार एक्सप्रेस में मुबंई से ईलाज कराकर लौट रहे अनुराग दर्शन का बैग छूट गया। दरअसल यात्री ने अपने बैग की तरह मिलता जुलता कंडक्टर का बैग उठा लिया। एहसास होते ही वह रेलवे चौकी पहुंचा और महिला कर्मचारियों को घटना की जानकारी दी। महिला कर्मचारियों ने ड्यूटी से घर लौट रहे टीसी एल राव को बताया। उन्होंने वहीं अपना सामान रख बैग की अदला बदली होने की सूचना ट्रेन के टीसी को दी और फिर बैग रायपुर से वापस मंगाकर यात्री को लौटाया गया। तब तक टीसी अपने कक्ष ही बैठे थे।

ऐसी की सहायता
एल राव ने बताया कि टीसी उनके परिचित का था। उन्होंने कोच और बर्थ नंबर जानने के बाद तत्काल टीसी रंजन किरो से संपर्क किया।इसके बाद वह रायपुर स्टेशन के कैंटीन संचालक को बैग लेने कहा। बाद में वह बैग शिवनाथ एक्सपे्रेस से दुर्ग स्टेशन लाकर पीडि़त को सौंपा गया। वहीं टीसी का बैग अहमदाबाद एक्सप्रेस से चक्रधरपुर भिजवाया गया।

बैंग में थी दवाइयां
अनुराग दर्शन ने बताया कि उसकी मां कैंसर पीडि़त है। वह ईलाज के लिए मुबंई लेकर गया था। जो बैग ट्रेन में छूट गया था उसमें न केवल दवाइयां थी, बल्कि उसकी मां की केस हिस्ट्री का फाइल थी। ट्रेस्ट से लेकर अस्पताल की पर्ची और कुछ जेवर भी थे।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter और Instagram पर ..ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.

Related Stories